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ईडी ने उपेंद्र राय की चल-अचल संपत्ति की सील

ईडी ने उपेंद्र राय की चल-अचल संपत्ति की सील

मुंबई। इनफोर्समेंट निदेशालय की ओर से कार्रवाई करते हुए उपेंद्र राय की 26.65 करोड़ रुपए मूल्य की चल-अचल संपत्तियों को सील कर दिया गया। उपेंद्र राय पर मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है और ईडी की ओर से मामले की जांच जारी है।

बता दें कि मई 2018 में ने मनी लॉन्ड्रिंग और अन्य अनियमितताओं के आरोप में उपेंद्र राय और अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। ईडी ने भी केस दर्ज करते हुए राय के खिलाफ जांच शुरू की थी। ईडी ने 08 जून 2018 को ईडी ने राय को गिरफ्तार कर लिया था। कोर्ट के आदेश पर राय को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। धन शोधन रोकथाम अधिनियम के प्रावधानों के तहत पटियाला कोर्ट में पीएमएलए की विशेष अदालत ने भी राय के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज करने का आदेश दिया था। राय के खिलाफ विभिन्न कंपनियों और कॉर्पोरेट घरानों से बड़े पैमाने पर धन उगाही करने के आरोप लगाए गए हैं। इस रकम का उपयोग विभिन्न संपत्तियों को खरीदनें में किया गया था। राय के खिलाफ 29,58,09,570 रुपए की मनी लॉन्ड्रिंग करने के भी आरोप लगाते हुए चार्जशीट दाखिल की गई है। मामले की सुनवाई चल रही है।

जांच एजेंसियों ने बताया कि उपेंद्र राय ने कंसल्टेंसी फर्म के नाम पर विभिन्न कंपनियों और औद्योगिक घरानों से रुपए लिए हैं। राय ने बड़े पैमाने पर नकद ट्रांजेक्शन किए हैं और कई कंपनियों के नाम पर जमा कराने के बाद अपने खाते में ट्रांसफर करवा लिए और इस रकम को सफेद कर लिया। जांच एजेंसी ईडी के अधिकारियों ने बताया कि जांच के दौरान सामने आया है कि इस तरह के जो भी ट्रांजेक्शन किए गए हैं, वह नियमों के तहत वैध नहीं हैं। राय ने इस लेन-देन के बारे में कोई भी संतोषजनक जवाब नहीं दिया है और न ही यह बताया कि इतनी भारी रकम का स्रोत क्या है। हालांकि राय लगातार यह कह रहा है कि जितनी भी रकम ली गई है, वह करारनामे के तहत है और कंसल्टैंसी सेवाओं के बदले इस रकम को जमा कराया गया है। लेकिन जांच में पाया गया कि राय ने सहायक कंसल्टैंसी कंपनियों के नाम फर्जी बिलों का निर्माण किया और कैश ट्रांजेक्शन के बदले में बैंकिंग चैनल के माध्यम से रकम की हेरफेर की है।

ईडी की ओर से बताया गया कि राय ने फर्जी एवं शेल कंपनियों के नाम पर करोड़ों रुपए की हेराफेरी की है। इसके लिए राय ने कई इन्ट्री ऑपरेटरों की मदद भी ली है। इन ऑपरेटरों ने कैश रकम के बदले राय को बैंक खातों में कैश ट्रांसफर करवाने में मदद की है। बैंक खातों में जमा रकम का उपयोग राय ने अपने और पत्नी, भाई, बहन और अन्य पारिवारिक सदस्यों के नाम पर चल-अचल संपत्तियों को खरीदने के लिए किया है। राय ने लगभग 30 करोड़ रुपए की चल-अचल संपत्ति खरीदी है। ईडी ऑडी ए-6 मॉडेल की लेटेस्ट कार इनोवा क्रिस्टा, मर्सिडिज और अन्य महंगी कारों को भी जब्त कर लिया है। इसके अलावा ईडी ने ग्रेटर कैलाश नई दिल्ली, नोएडा और लखनऊ में स्थित 9 आलीशान फ्लैट्स समेत कुल 26,65,45,476 रुपए मूल्य की संपत्तियों को अटैच कर दिया है। राय के पास 5.62 करोड़ रुपए की बैंक फिक्स डिपॉजिट और म्यूचुअल फंड सर्टिफिकेट भी बरामद किए गए हैं। ग्रेटर कैलाश में तो एक इमारत में पूरा पहला और तीसरा फ्लोर ही राय के नाम पर पंजीकृत था। राय के नाम पर विशाल गैराज भी था।

Updated : 2018-08-30T02:29:01+05:30
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Swadesh Digital

स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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