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भोजपुरी गीतों के खिलाफ कई राज्यों में अभियान

भोजपुरी गीतों के खिलाफ कई राज्यों में अभियान

-दस लाख हस्ताक्षर कराकर मुख्यमंत्रियों, राज्यपालों, प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति को पत्रक दिया जायेगा

नई दिल्ली। आप यदि अपनी बहन, बेटी, मां, पत्नी, बच्चों या परिवार के लोगों के साथ बस में यात्रा कर रहे हैं, बाजार में कहीं जा रहे हैं और बस वाला, सड़क पर ठेले वाला, पान बेचने वाला, चौराहे पर या चाय की दुकान या स्कूल के बगल वाली सड़क पर कोई अपने मोबाइल या कैसेट के मार्फत तेज आवाज में भोजपुरी के अश्लील गाने बजा रहा हो तो आपको कैसा लगेगा।

इन दिनों उ.प्र., बिहार, झारखंड के गली-चौराहों, बसों, पान की दुकानों में से ज्यादातर में यही हो रहा है। जिसके चलते माताओं ,बहनों, बेटियों को राह चलना मुश्किल हो गया है। इसके विरोध में "पूर्वांचल विकास प्रतिष्ठान" ने उक्त तीन राज्यों के 10 लाख लोगों से हस्ताक्षर कराने का अभियान शुरू किया है। इसके प्रमुख ओमप्रकाश का कहना है कि उ.प्र., बिहार, झारखंड के प्रमुख शहरों में सभा करना शुरू कर दिया है। 25 अगस्त 2018 को वाराणसी के महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में एक बड़ी सभा हो रही है। जिसमें हिन्दी के सबसे बड़े कहानीकार काशीनाथ सिंह सहित अन्य कई बड़े साहित्यकार, बुद्धिजीवी, काशी के गणमान्य नागरिक, राजनीतिक, कलाकार व छात्र शामिल हो रहे हैं। इस सभा में जो लोग आयेंगे उनसे भोजपुरी में अश्लील गीतों पर रोक लगाने, जो ऐसा गीत लिख रहे हैं, फिल्मों में दिखा रहे हैं, प्रचारित, प्रसारित कर रहे हैं, उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने की मांग पत्र पर हस्ताक्षर करवाया जायेगा। दस लाख हस्ताक्षर पूरा होने के बाद, तीनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों, राज्यपालों के अलावा प्रधानमंत्री व राष्ट्रपति को पत्रक देकर मांग किया जायेगा कि ऐसे भोजपुरी गीत लिखने, गाने, भोजपुरी फिल्मों में दिखाने और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर बजाने वालों पर, महाराष्ट्र डांस बार एक्ट की तरह एक कड़ा कानून बना, उसके तहत कड़ी कार्रवाई किया जाये। इस संस्था ने ऐसी भोजपुरी फिल्मी गाना लिखने, इस पर फिल्म बनाने वालों पर मुकदमा भी दर्ज कराना शुरू कर दिया है।

Updated : 2018-08-24T16:47:00+05:30
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Swadesh Digital

स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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