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इलेक्शन कमीशन की सर्वदलीय बैठक : ईवीएम की जगह मतपत्र, राजनीतिक दलों की अलग-अलग राय

इलेक्शन कमीशन की सर्वदलीय बैठक : ईवीएम की जगह मतपत्र, राजनीतिक दलों की अलग-अलग राय
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नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत ने सोमवार को कहा कि चुनाव सुधारों से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा के लिए आयोजित सर्वदलीय बैठक में कुछ राजनीतिक दलों ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के स्थान पर मतपत्रों से चुनाव कराए जाने की मांग की है जिसका आयोग ने संज्ञान लिया है। उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक दलों ने मतपत्रों की दिशा में वापस लौटने को गलत बताया है। उनका मानना है कि इससे बूथ कब्जाने की घटनाएं फिर से घटित होनी शुरु होंगी।

सर्वदलीय बैठक के बाद संवाददाताओं से बातचीत में मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत ने कहा कि कुछ राजनीतिक दलों ने अपनी राय दी है कि ईवीएम और वीवीपीएटी मशीनों में गड़बड़ियां हैं। आयोग ने इनका संज्ञान लिया है। बैठक में सभी 7 पंजीकृत राष्ट्रीय राजनीतिक दलों और 51 राज्य राजनीतिक दलों को आमंत्रित किया गया था।

रावत ने कहा कि सभी राजनीतिक दलों का देश में चुनावों को निष्पक्ष और विश्वसनीय बनाने के प्रति सकारात्मक रुख रहा है। आयोग सभी सुझावों पर विचार करेगी और चुनावों को बेहतर बनाने के लिए हर आवश्यक कदम उठाएगी।

इससे पहले कांग्रेस ने चुनाव आयोग से अपील की थी कि 2019 के लोकसभा चुनाव मत-पत्रों के माध्यम से आयोजित कराए जाने चाहिए। राजग सहयोगी शिवसेना समेत 17 राजनीतिक दलों ने मतपत्रों की दिशा में वापस लौटने की मांग की थी।

बैठक में बीजू जनता दल ने महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटों को आरक्षित करने का समर्थन किया। बैठक के बाद बीजेडी के सांसद पिनाकी मिश्रा ने कहा कि ईवीएम के इस्तेमाल को लेकर अन्य पार्टियों के विरोध का उनकी पार्टी की ओर से समर्थन नहीं किया गया।

बैठक के मुद्दों में मतदाता सूची की विश्वसनीयता, राजनीतिक दलों में महिला प्रतिनिधित्व‍ व तुलनात्‍मक अंतर्राष्‍ट्रीय अनुभव, चुनाव खर्च पर नियंत्रण, विधान परिषद के चुनाव खर्च की सीमा तय करना, वार्षिक लेखा रिपोर्ट, चुनाव खर्च रिपोर्ट समय पर देना आदि शामिल थे।

इसके अलावा जनप्रतिनिधित्व कानून 1951 के अनुच्छेद 126(1)(बी) के दायरे में चुनाव प्रचार बंद होने की अवधि– प्रिंट मीडिया को शामिल करने सहित और मतदान समाप्त होने से पहले अंतिम 48 घंटों के दौरान सोशल मीडिया पर पार्टी व उम्मीदवार की चुनावी संभावनाओं को बढ़ाने अथवा पूर्वाग्रह के लिए ऑनलाइन प्रचार के मुद्दे पर भी बैठक में विचार किया गया।

Updated : 2018-08-30T00:28:27+05:30
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Swadesh Digital

स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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