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बिहार शौचालय निर्माण घोटाले की जांच अब ईडी के जिम्मे

बिहार में शौचालय निर्माण में हुए घोटाले की जांच अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) करेगा।

बिहार शौचालय निर्माण घोटाले की जांच अब ईडी के जिम्मे

बिहार शौचालय निर्माण घोटाले की जांच अब ईडी के जिम्मे

नई दिल्ली । बिहार में शौचालय निर्माण में हुए घोटाले की जांच अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) करेगा। जानकारी के मुताबिक अब इस मामले में मनी लांड्रिंग का पेंच फंस गया है। उल्लेखनीय है कि इस मामले में 14 करोड़ रुपये की हेराफेरी की बात सामने आई है। ईडी के रडार पर बिहार के चार एनजीओ हैं। इन्हें ईडी अब नोटिस भेजने की तैयारी कर रही है। ईडी सूत्रों के मुताबिक मामले में अब एनजीओ के मालिकों से पूछताछ की जाएगी। साथ ही इस निर्माण में शामिल बिहार के लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचईडी) के कई अधिकारियों से भी होगी पूछताछ की जाएगी। अगर इसमें किसी की संलिप्तता जाहिर होती है तो उनकी संंपत्ति को ईडी जब्त करेगा। जानकारी के मुताबिक पीएचईडी के कई कार्यकारी अभियंता को भी ईडी जल्द ही पूछताछ के लिए नोटिस भेजने वाली है। ईडी ग्रमीण विकास विभाग के अधिकारियों से फाइल खंगाल रही है।

उल्लेखनीय है कि यह हेराफेरी 2012 से लेकर 2015 के बीच की गई थी। मामले में आरोप है कि इस मद में केंद्र की ओर से जारी की गई राशि का जमकर दुरुपयोग किया गया। उल्लेनीय है कि इस मामले जांच का आदेश सबसे पहले बिहार की राजधानी पटना के जिलाधीश संजय अग्रवाल ने दिया था। मामले में आरोप था कि पीएचईडी विभाग ने केंद्र की स्वच्छ भारत मिशन के 15 करोड़ रुपये का खुलकर बंदरबांट किया। अॉडिट के दौरान योजना में धांधली होने की बात सामने आने पर अग्रवाल ने जांच का आदेश दिया था। जांच अॉडिट के दौरान यह पाया गया था कि बिना शौचालय निर्माण के ही कई मामले में भुगतान कर दिए गए। यानी बिना भौतिक सत्यापन के ही योजना के तहत भुगतान कर दिया गया।

इस मामले में बैंक कर्मियों व एनजीओ की संलिप्तता जाहिर हुई थी। मामले में पीएचईडी के मुख्य अभियंता विनय कुमार सिन्हा व अकाउंटेंट बितेश्वर प्रसाद को अभियुक्त बनाया गया था। साथ ही चार एनजीओ आदि शक्ति सेवा संस्थान, मां सर्वेश्वरी सेवा संस्थान, सत्यम शिवम कला केंद्र व शिव सेवा संस्थान को आरोपी बनाया गया था। मामले की जांच बिहार की विजिलेंस विभाग कर रही थी। जांच के दौरान पाया गया था कि सिन्हा ने फर्जी लाभार्थियों के नाम 200 चेक जारी किए और स्टेट बैंक अॉफ इंडिया के तत्कालीन उप-प्रबंधक शिव कुमार झा ने इस राशि को एनजीओ के नाम ट्रांसफर कर दिए। इस बीच ईडी के प्रवक्ता अनिल रावल ने भी कहा है कि ने उक्त मामले की जांच को ईडी ने अपने जिम्मे लिया है लेकिन अभी विस्तार से इसके बारे में बताना संभव नहीं है।






Updated : 2018-07-06T21:57:35+05:30

Swadesh Digital

स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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