प्रीति 'अज्ञात' ने IGNOU में एमए हिंदी में टॉप कर स्वर्ण पदक जीता। साहित्य और शिक्षा में उनकी उपलब्धि से प्रदेश का मान बढ़ा।
अहमदाबादः अहमदाबाद में आयोजित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में प्रख्यात लेखिका प्रीति 'अज्ञात' ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने एम.ए. हिंदी (इन प्रोफेशनल राइटिंग) में पूरे देश में प्रथम स्थान प्राप्त कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया है।
39वें दीक्षांत समारोह में मिला सम्मान
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय के 39वें दीक्षांत समारोह में यह सम्मान प्रदान किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भारत के उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन उपस्थित रहे। यह आयोजन दिल्ली मुख्यालय सहित देशभर के विभिन्न क्षेत्रीय केंद्रों पर आयोजित हुआ। अहमदाबाद में आयोजित समारोह में प्रीति को यह सम्मान ‘अहमदाबाद मैनेजमेंट एसोसिएशन’ के सभागार में प्रदान किया गया। इस दौरान प्रोफेसर मधुकरभाई एस. पदवी सहित कई शिक्षाविद और गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

साहित्य और शिक्षा में निरंतर उपलब्धियां
प्रीति 'अज्ञात' पहले से ही साहित्य के क्षेत्र में अपनी पहचान बना चुकी हैं। उन्हें दो बार गुजरात साहित्य अकादमी पुरस्कार और तीन बार प्रतिष्ठित लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है। उनकी अब तक चार पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। वे पिछले 11 वर्षों से साहित्यिक पत्रिका ‘हस्ताक्षर’ का संपादन और संचालन कर रही हैं। साथ ही, वे ‘कर्मभूमि अहमदाबाद’ की सह-संस्थापक भी हैं, जो साहित्य और संस्कृति के क्षेत्र में सक्रिय है।
शिक्षा में भी रहा उत्कृष्ट प्रदर्शन
मध्यप्रदेश के भिंड में जन्मी प्रीति 'अज्ञात' ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा भिंड और ग्वालियर में प्राप्त की। वर्ष 2000 से वे अहमदाबाद में निवास कर रही हैं। उन्होंने एम.एससी. (वनस्पति विज्ञान) में भी मेरिट सूची में स्थान हासिल किया था। इसके अलावा, वर्ष 2018 में ‘डिप्लोमा इन संस्कृत टीचिंग’ में 84 प्रतिशत अंकों के साथ विशिष्टता प्राप्त की थी, जो उनके शैक्षणिक समर्पण को दर्शाता है।

स्वर्ण पदक मिलने के बाद प्रीति ने कहा कि शिक्षा और साहित्य उनके लिए एक साथ चलते हैं। उन्होंने बताया कि विज्ञान से लेकर संस्कृत और अब हिंदी में यह उपलब्धि हासिल करना उनके लिए एक चुनौतीपूर्ण लेकिन प्रेरणादायक यात्रा रही है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता के संस्कार और समर्थन को दिया। उनकी इस उपलब्धि पर साहित्यकारों और शुभचिंतकों ने खुशी जाहिर करते हुए उन्हें बधाई दी है।