12वीं के बाद नर्सिंग में करियर कैसे बनाएं? जानें GNM, BSc Nursing और ANM कोर्स, पात्रता, फीस और भारत के टॉप नर्सिंग कॉलेज की पूरी जानकारी।
12वीं के बाद मेडिकल क्षेत्र में करियर बनाने का सपना देखने वाले लाखों छात्रों के लिए नर्सिंग एक मजबूत विकल्प बनकर उभर रहा है। हर साल बड़ी संख्या में छात्र NEET UG के जरिए डॉक्टर बनने की कोशिश करते हैं, लेकिन सफलता न मिलने पर कई छात्र वैकल्पिक मेडिकल करियर की तलाश करते हैं। ऐसे छात्रों के लिए नर्सिंग क्षेत्र एक बेहतर अवसर प्रदान करता है।
नर्स बनने के प्रमुख कोर्स
12वीं के बाद नर्स बनने के लिए मुख्य रूप से तीन कोर्स उपलब्ध हैं-
GNM (जनरल नर्सिंग एंड मिडवाइफरी)
जीएनएम का यह 3 साल का डिप्लोमा कोर्स होता है। इसमें प्रवेश के लिए छात्र का 12वीं साइंस स्ट्रीम से कम से कम 40 प्रतिशत अंकों के साथ पास होना जरूरी है।
BSc Nursing
बीएससी नर्सिंग का कोर्स- यह 4 साल का डिग्री कोर्स है। इसमें प्रवेश के लिए 12वीं में फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी और अंग्रेजी विषयों के साथ न्यूनतम 45 प्रतिशत अंक आवश्यक होते हैं।
ANM (ऑक्सिलियरी नर्सिंग एंड मिडवाइफरी)
एएनएम का कोर्स जो कि बेसिक हेल्थकेयर स्किल्स सिखाने वाला डिप्लोमा कोर्स है। इसमें किसी भी स्ट्रीम से 12वीं पास छात्र आवेदन कर सकते हैं।
पात्रता और आयु सीमा
न्यूनतम आयु: 17 वर्ष
अधिकतम आयु: 35 वर्ष
प्रवेश के लिए राज्य और निजी कॉलेज अलग-अलग प्रवेश परीक्षा आयोजित करते हैं
फीस और दाखिला प्रक्रिया
सरकारी कॉलेजों में नर्सिंग कोर्स की फीस लगभग 1 लाख रुपये सालाना तक होती है, जबकि निजी कॉलेजों में यह इससे अधिक हो सकती है। कई राज्यों में प्रवेश परीक्षा के आधार पर दाखिला दिया जाता है।
भारत के प्रमुख नर्सिंग संस्थान
नर्सिंग शिक्षा के लिए देश के कुछ प्रमुख संस्थान इस प्रकार से हैं
एम्स, दिल्ली
क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज (CMC), वेल्लोर
बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU), वाराणसी
किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी, लखनऊ
PGIMER, चंडीगढ़
सेंट स्टीफंस हॉस्पिटल कॉलेज ऑफ नर्सिंग, दिल्ली
करियर और सैलरी
नर्सिंग कोर्स करने के बाद सरकारी और निजी अस्पतालों में नौकरी के अवसर उपलब्ध होते हैं। इनमें सरकारी अस्पताल में ज्वाइनिंग पर शुरुआती वेतन लगभग 80 हजार रुपये तक मिलता है। वहीं, निजी अस्पताल में शुरुआती वेतन 20 से 25 हजार रुपये तक मिलता है। इतना ही नहीं, अनुभव बढ़ने के साथ वेतन में भी वृद्धि होती है और टीचिंग या रिसर्च क्षेत्र में भी करियर बनाया जा सकता है।