NEET विवाद के बाद NTA ने परीक्षा प्रणाली में बड़े बदलाव शुरू किए हैं। अब AI निगरानी, बायोमेट्रिक सुरक्षा और CTO-CFO जैसे पदों के जरिए सिस्टम को मजबूत किया जाएगा।
NEET पेपर लीक विवाद के बाद राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी यानी NTA अब अपनी पूरी व्यवस्था बदलने की तैयारी में जुट गई है। लगातार उठते सवालों और छात्रों के घटते भरोसे के बीच एजेंसी ने तकनीक आधारित बड़ा सुधार अभियान शुरू कर दिया है। शिक्षा मंत्रालय के निर्देश पर NTA ने पहली बार परीक्षा प्रणाली के लिए अलग Chief Technology Officer (CTO), Chief Finance Officer (CFO) और HR प्रमुख नियुक्त करने का फैसला लिया है। इसके लिए आधिकारिक भर्ती प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
सरकार का फोकस अब साफ तौर पर परीक्षा सुरक्षा, जवाबदेही और डिजिटल निगरानी पर दिखाई दे रहा है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं का पूरा ढांचा तकनीक के जरिए मॉनिटर किया जाएगा।
अब AI और टेक्नोलॉजी करेगी निगरानी
NTA के सबसे बड़े बदलावों में तकनीकी निगरानी व्यवस्था शामिल है। नई व्यवस्था के तहत परीक्षा संचालन और सुरक्षा का पूरा जिम्मा CTO के अधीन रहेगा। एजेंसी के मुताबिक, AI आधारित निगरानी सिस्टम तैयार किया जाएगा जो पेपर लीक, फर्जीवाड़ा और गड़बड़ी जैसी गतिविधियों पर नजर रखेगा। इसके साथ बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन, फेस ऑथेंटिकेशन और साइबर सिक्योरिटी सिस्टम को भी मजबूत किया जाएगा। प्रश्नपत्र तैयार करने से लेकर प्रिंटिंग और ट्रांसपोर्ट तक हर स्तर पर डिजिटल सुरक्षा बढ़ाने की योजना बनाई गई है।
सरकार ने भेजे वरिष्ठ अधिकारी
सिर्फ तकनीकी बदलाव ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक स्तर पर भी सरकार ने सीधे हस्तक्षेप किया है। NTA में 4 वरिष्ठ अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। इनमें दो संयुक्त सचिव स्तर और दो निदेशक स्तर के अधिकारी शामिल हैं। इन्हें एजेंसी की निगरानी, पारदर्शिता और संस्थागत सुधार की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सरकार का मानना है कि सिर्फ तकनीक से नहीं, बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही से भी परीक्षा प्रणाली में भरोसा लौटाया जा सकता है।
1 करोड़ छात्रों से जुड़ी सबसे बड़ी चुनौती
NTA हर साल देशभर में 1 करोड़ से ज्यादा छात्रों की परीक्षाएं आयोजित करता है। NEET, JEE और CUET जैसी परीक्षाओं में हाल के वर्षों में गड़बड़ियों के आरोपों ने एजेंसी की साख को बड़ा नुकसान पहुंचाया है। पेपर लीक और परीक्षा केंद्रों पर अनियमितताओं को लेकर छात्रों और अभिभावकों में लगातार नाराजगी बढ़ रही थी। ऐसे में सरकार अब इस सिस्टम को पूरी तरह रीबूट करने के मूड में दिख रही है। एक्सपर्ट का मानना है कि इतने बड़े स्तर की परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित बनाने के लिए सिर्फ नियम नहीं, बल्कि हाई-लेवल टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर जरूरी है।
भर्ती प्रक्रिया भी शुरू
NTA ने CTO, CFO और GM-HR जैसे अहम पदों के लिए आवेदन मांगे हैं। एजेंसी ने कहा है कि विज्ञापन जारी होने के 15 दिनों के भीतर आवेदन किए जा सकेंगे। इन पदों पर आने वाले अधिकारी तकनीकी प्रबंधन, वित्तीय पारदर्शिता और कर्मचारियों की जवाबदेही मजबूत करने का काम करेंगे। सरकार यह संकेत भी दे चुकी है कि भविष्य में परीक्षा एजेंसियों में निजी कॉर्पोरेट मॉडल जैसी प्रोफेशनल मैनेजमेंट व्यवस्था लागू की जा सकती है।
अब दांव सिर्फ परीक्षा नहीं भरोसे पर भी
NEET विवाद के बाद सबसे बड़ा सवाल परीक्षा परिणामों से ज्यादा सिस्टम की विश्वसनीयता पर खड़ा हुआ था। लाखों छात्रों और अभिभावकों ने परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाए थे। ऐसे में NTA के ये बदलाव सिर्फ प्रशासनिक फैसले नहीं माने जा रहे, बल्कि एजेंसी की साख बचाने की कोशिश के तौर पर देखे जा रहे हैं। अब नजर इस बात पर रहेगी कि AI निगरानी, बायोमेट्रिक सिस्टम और नई प्रशासनिक संरचना वाकई भविष्य में पेपर लीक और गड़बड़ियों को रोक पाती है या नहीं।