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MP Tech Courses Admission Twice

MP में तकनीकी शिक्षा का नया सिस्टम, अब साल में दो बार एडमिशन से छात्रों को मिलेगा दूसरा मौका

MP में AICTE के नए नियम लागू, अब BTech-MBA जैसे कोर्स में साल में दो बार एडमिशन होगा। जुलाई-जनवरी सत्र से छात्रों को दूसरा मौका मिलेगा, सीटें भी भरेंगी।


mp में तकनीकी शिक्षा का नया सिस्टम अब साल में दो बार एडमिशन से छात्रों को मिलेगा दूसरा मौका

Career News |

मध्य प्रदेश में तकनीकी और मैनेजमेंट पढ़ाई का ढांचा बदलने जा रहा है। अब छात्रों को साल में सिर्फ एक नहीं, दो बार एडमिशन का मौका मिलेगा। AICTE के नए निर्देशों के बाद बीई-बीटेक, एमबीए, बीबीए जैसे कोर्स में जुलाई और जनवरी दोनों सत्रों में प्रवेश होगा। इससे उन छात्रों को राहत मिलेगी जो किसी कारण से पहला मौका गंवा देते थे।

यह बदलाव सिर्फ एडमिशन तक सीमित नहीं है। इसका असर पढ़ाई के टाइमटेबल, प्लेसमेंट और कॉलेज मैनेजमेंट तक दिखाई देगा।

अब एडमिशन में नहीं होगी देरी

अब तक एडमिशन प्रक्रिया कई बार अक्टूबर-नवंबर तक खिंच जाती थी। इससे क्लासेस और परीक्षाएं दोनों प्रभावित होती थीं। नई व्यवस्था में जुलाई सत्र के लिए पूरी सीटों पर काउंसलिंग होगी। जो सीटें खाली रह जाएंगी, उन्हें जनवरी सत्र में भरा जाएगा। इससे कॉलेजों को भी फायदा होगा क्योंकि खाली सीटों की समस्या काफी हद तक खत्म हो सकती है।

छात्रों को मिलेगा ‘सेकंड चांस’

इस बदलाव का सबसे बड़ा असर छात्रों पर पड़ेगा। जो विद्यार्थी किसी कारण से जुलाई में एडमिशन नहीं ले पाते, उन्हें अब पूरे साल इंतजार नहीं करना पड़ेगा। जनवरी में फिर से मौका मिलने से ड्रॉप लेने का दबाव कम होगा। खासकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए यह राहत भरा कदम है। यह मॉडल विदेशों की यूनिवर्सिटी सिस्टम जैसा है, जहां मल्टीपल इंटेक आम बात है।

पढ़ाई का पैटर्न बदलेगा

जनवरी सत्र में एडमिशन लेने वाले छात्रों का अकादमिक फ्लो थोड़ा अलग रहेगा। वे सीधे दूसरे सेमेस्टर से पढ़ाई शुरू करेंगे। इसके बाद सेमेस्टर का क्रम उल्टे तरीके से एडजस्ट किया जाएगा, ताकि दोनों सत्र के छात्र अंत में एक ही स्तर पर आ जाएं। यह सिस्टम नया जरूर है, लेकिन इसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि पढ़ाई में गैप न आए।

प्लेसमेंट और कॉलेज कैलेंडर पर दिखेगा असर

समय पर सत्र शुरू होने से कंपनियों को भी प्लेसमेंट प्लान करने में आसानी होगी। अब उन्हें अलग-अलग बैच के हिसाब से रणनीति बनानी पड़ेगी। इससे छात्रों को ज्यादा अवसर मिलने की उम्मीद है। कॉलेजों के लिए भी यह बदलाव मैनेजमेंट को अधिक संगठित बनाएगा। 

कॉलेजों के लिए 15 जून तक जरूरी काम

तकनीकी संस्थानों को नए सत्र के लिए अपनी जानकारी DTE पोर्टल पर अपडेट करनी होगी। इसमें सीटें, फीस, कोर्स और संबद्धता से जुड़ी जानकारी शामिल है। निजी कॉलेजों को भी 15 जून तक आवेदन करना होगा। साथ ही काउंसलिंग में भाग लेने की सहमति देना अनिवार्य रहेगा। यह पूरी प्रक्रिया सुनिश्चित करेगी कि नया सिस्टम बिना रुकावट लागू हो सके।

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