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Job Interview Tips: Behavior Matters More Than Deg

नौकरी के इंटरव्यू में अब सिर्फ डिग्री नहीं, आपका व्यवहार भी करेगा फैसला! रेस्तरां में ऐसे होती है उम्मीदवारों की असली पर

नौकरी के इंटरव्यू में अब केवल डिग्री और अनुभव नहीं, बल्कि आपका व्यवहार, निर्णय क्षमता और दूसरों के प्रति सम्मान भी चयन का आधार बन रहा है।


नौकरी के इंटरव्यू में अब सिर्फ डिग्री नहीं आपका व्यवहार भी करेगा फैसला रेस्तरां में ऐसे होती है उम्मीदवारों की असली पर

आज के प्रतिस्पर्धी दौर में नौकरी पाने के लिए केवल डिग्री, अनुभव और तकनीकी कौशल ही पर्याप्त नहीं हैं। बड़ी कंपनियां अब उम्मीदवारों की व्यवहार कुशलता, निर्णय लेने की क्षमता और दूसरों के प्रति सम्मान को भी चयन का अहम आधार बना रही हैं। कई बहुराष्ट्रीय कंपनियों के सीईओ पारंपरिक इंटरव्यू से आगे बढ़कर उम्मीदवारों का मूल्यांकन रेस्तरां और अनौपचारिक माहौल में भी कर रहे हैं।

रेस्तरां में भी होती है इंटरव्यू की परीक्षा

हेल्थकेयर कंपनी बूपा के सीईओ इनाकी एरेनियो वरिष्ठ पदों के लिए केवल 45 मिनट का इंटरव्यू पर्याप्त नहीं मानते। वे उम्मीदवारों का तीन चरणों में लगभग छह घंटे तक मूल्यांकन करते हैं।  पहले चरण में उम्मीदवार के अनुभव और प्रोफाइल पर चर्चा होती है, जबकि दूसरे चरण में रेस्तरां में नाश्ते या लंच के दौरान उसके व्यवहार पर विशेष ध्यान दिया जाता है। यहां देखा जाता है कि उम्मीदवार स्वतंत्र निर्णय लेता है या दूसरों की नकल करता है।

ड्रिंक ऑर्डर से भी लग जाता है व्यक्तित्व का अंदाजा

इंटरव्यू के दौरान यदि सीईओ केवल पानी मंगाते हैं और उम्मीदवार अपनी पसंद के अनुसार कोई अन्य ड्रिंक ऑर्डर करता है, तो इसे आत्मविश्वास और स्वतंत्र सोच का संकेत माना जाता है। वहीं केवल सामने वाले की नकल करना नेतृत्व क्षमता की कमी दर्शा सकता है।

टीम भावना भी होती है अहम

करीब 2.95 लाख करोड़ रुपए की कंपनी ट्विलियो के सीईओ खोजेमा शिपचैंडलर डिनर इंटरव्यू के दौरान उम्मीदवार की बातचीत का तरीका भी परखते हैं। यदि कोई उम्मीदवार बार-बार "मैं" शब्द का उपयोग करता है, तो इसे टीम भावना की कमी माना जाता है। इंटरव्यू के अंत में उम्मीदवार के सवाल पूछने के तरीके को भी गंभीरता से देखा जाता है। कोई प्रश्न न पूछना तैयारी और रुचि की कमी का संकेत माना जाता है।

छोटी-छोटी आदतें भी बन सकती हैं रिजेक्शन की वजह

कुछ कंपनियां ऐसे उम्मीदवारों को भी पसंद नहीं करतीं जो खाना चखे बिना ही उसमें नमक डाल देते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार यह बिना सोचे-समझे निर्णय लेने की प्रवृत्ति दर्शा सकता है।

वेटर और सिक्योरिटी गार्ड से व्यवहार भी अहम

कई कंपनियां उम्मीदवार के वेटर, रिसेप्शनिस्ट और सिक्योरिटी गार्ड के साथ व्यवहार को भी नोट करती हैं। एक इंटरव्यू में वेटर ने जानबूझकर गलत खाना परोसा, ताकि देखा जा सके कि उम्मीदवार विपरीत परिस्थिति में कैसे प्रतिक्रिया देता है।  दिग्गज उद्यमी स्टीव जॉब्स भी उम्मीदवारों को दफ्तर से बाहर ले जाकर उनके स्वाभाविक व्यवहार का आकलन करते थे। वहीं 'डायरी ऑफ अ सीईओ' के संस्थापक स्टीवन बार्टलेट ने एक महिला उम्मीदवार को केवल इसलिए नौकरी दी क्योंकि उसने बिल्डिंग के गार्ड को सम्मानपूर्वक नाम लेकर धन्यवाद कहा था।

कंपनियां अब क्या देख रही हैं?

  • दूसरों के प्रति सम्मान
  • आत्मविश्वास और स्वतंत्र सोच
  • टीम में काम करने की क्षमता
  • कठिन परिस्थितियों में व्यवहार
  • निर्णय लेने की शैली
  • संवाद कौशल और विनम्रता

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