शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली है। सेंसेक्स 1000 अंक टूटकर 76,500 के करीब पहुंचा, जबकि निफ्टी 300 अंक गिरा। ऑटो और बैंकिंग शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली हुई।
मुंबई में 30 अप्रैल को शेयर बाजार ने तेज गिरावट दर्ज की। कारोबार की शुरुआत से ही दबाव दिखा और दिन के दौरान सेंसेक्स करीब 1000 अंक टूटकर 76,500 के स्तर के आसपास पहुंच गया। वहीं निफ्टी भी 300 अंक गिरकर 23,900 के स्तर पर कारोबार करता दिखा।इस गिरावट का सबसे ज्यादा असर ऑटो, बैंकिंग, मेटल और रियल्टी सेक्टर के शेयरों पर पड़ा, जहां भारी बिकवाली देखी गई। निवेशकों में अनिश्चितता बढ़ने के चलते बाजार पर दबाव और गहरा गया है।
जाने क्यों गिरा बाजार
विशेषज्ञों के अनुसार, मौजूदा गिरावट के पीछे वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव और आर्थिक अनिश्चितता बड़ी वजह है।निवेशक जोखिम से बचते हुए अपने पैसे सुरक्षित विकल्पों में लगा रहे हैं, जिससे शेयर बाजार पर दबाव बढ़ा है।सेंसेक्स गिरावट और निफ्टी गिरावट का सीधा असर घरेलू निवेशकों की भावना पर पड़ा है।बाजार पर सबसे बड़ा असर ईरान-इजराइल तनाव और जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता का देखा जा रहा है। इससे सप्लाई चेन प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतें 120 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचने से भारत का इंपोर्ट बिल बढ़ने का खतरा है, जो महंगाई को भी प्रभावित कर सकता है।
एशियाई और अमेरिकी बाजारों में कमजोरी का असर
एशियाई बाजारों में भी आज गिरावट देखी गई, जिसमें जापान, हांगकांग और कोरिया के इंडेक्स लाल निशान में रहे।वहीं अमेरिकी बाजारों में भी मिला-जुला रुख देखने को मिला, जहां डाउ जोन्स और S&P 500 में गिरावट रही। इसका सीधा असर भारतीय बाजार पर पड़ा और शेयर बाजार गिरावट और तेज हो गई।
इन सेक्टरों में सबसे ज्यादा बिकवाली
आज के कारोबार में ऑटो, बैंकिंग, मेटल और रियल्टी सेक्टर सबसे ज्यादा दबाव में रहे। इन सेक्टरों में भारी बिकवाली के कारण प्रमुख इंडेक्स नीचे चले गए।निवेशकों का रुझान फिलहाल सुरक्षित निवेश की ओर बढ़ता दिख रहा है, जिससे बाजार में अस्थिरता बनी हुई है।
कल बाजार में रही थी तेजी
गौर करने वाली बात यह है कि एक दिन पहले यानी 29 अप्रैल को बाजार में मजबूती देखने को मिली थी। सेंसेक्स 600 से ज्यादा अंकों की तेजी के साथ बंद हुआ था, लेकिन अगले ही दिन स्थिति बदल गई।इस तेजी के बाद आई गिरावट ने निवेशकों को फिर से सतर्क कर दिया है और बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना जताई जा रही है।