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सेंसेक्स गिरा, FMCG शेयरों में बिकवाली

शेयर बाजार में हल्की गिरावट: सेंसेक्स 114 अंक टूटा, FMCG शेयरों में बिकवाली क्यों बढ़ी?

शेयर बाजार में गुरुवार को हल्की गिरावट रही। सेंसेक्स 114 अंक टूटकर बंद हुआ, जबकि ऑटो शेयरों में खरीदारी और FMCG सेक्टर में दबाव देखने को मिला।


शेयर बाजार में हल्की गिरावट सेंसेक्स 114 अंक टूटा fmcg शेयरों में बिकवाली क्यों बढ़ी

घरेलू शेयर बाजार में गुरुवार, 7 मई को उतार-चढ़ाव भरा कारोबार देखने को मिला। दिनभर की हलचल के बाद सेंसेक्स 114 अंक गिरकर 77,845 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी मामूली 4 अंक नीचे फिसलकर 24,327 के स्तर पर आ गया। हालांकि बाजार में बड़ी गिरावट नहीं दिखी, लेकिन सेक्टरवार तस्वीर काफी अलग रही। ऑटो और रियल्टी शेयरों में खरीदारी हुई, जबकि FMCG सेक्टर दबाव में नजर आया।

ऑटो और रियल्टी शेयरों में दिखी मजबूती

आज के कारोबार में निवेशकों का रुझान ऑटो और रियल्टी सेक्टर की तरफ ज्यादा रहा। कई ऑटो कंपनियों के शेयर हरे निशान में बंद हुए। विशेषज्ञ मान रहे हैं कि आने वाले महीनों में मांग बढ़ने की उम्मीद से निवेशक इस सेक्टर में दांव लगा रहे हैं। रियल्टी शेयरों में भी खरीदारी बनी रही। वहीं दूसरी तरफ FMCG कंपनियों के शेयरों में बिकवाली देखने को मिली। यही वजह रही कि बाजार ऊपर टिक नहीं पाया।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली बनी चिंता

दरअसल, बाजार पर सबसे ज्यादा असर विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली का दिख रहा है। आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII/FPI) ने पिछले 7 कारोबारी दिनों में ₹6,621 करोड़ के शेयर बेचे हैं। वहीं पिछले 30 दिनों में यह आंकड़ा ₹41,635 करोड़ तक पहुंच गया। हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशक (DII) लगातार खरीदारी कर रहे हैं। बीते 30 दिनों में DIIs ने ₹34,819 करोड़ का निवेश किया है। यही वजह है कि बाजार में बड़ी गिरावट फिलहाल नहीं दिख रही।

एशियाई बाजारों में रही तेजी

भारतीय बाजार भले ही हल्की गिरावट के साथ बंद हुए, लेकिन एशियाई बाजारों में मजबूत तेजी देखने को मिली। जापान का निक्केई इंडेक्स 5% से ज्यादा उछला। वहीं साउथ कोरिया का कोस्पी और हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग इंडेक्स भी बढ़त के साथ बंद हुए। वैश्विक बाजारों से मिले पॉजिटिव संकेतों ने भारतीय बाजार को शुरुआती सपोर्ट जरूर दिया, लेकिन बाद में मुनाफावसूली हावी हो गई।

अमेरिकी बाजारों से भी मिले थे अच्छे संकेत

6 मई को अमेरिकी बाजारों में भी मजबूत तेजी दर्ज की गई थी। डाउ जोन्स 612 अंक चढ़ा, जबकि नैस्डैक में 2% से ज्यादा की तेजी रही। S&P 500 इंडेक्स भी मजबूती के साथ बंद हुआ। अब समझिए, इसके बावजूद भारतीय बाजार क्यों दबाव में रहा। इसकी बड़ी वजह विदेशी निवेशकों की बिकवाली और कुछ सेक्टर्स में profit booking मानी जा रही है।

एक दिन पहले बाजार में आई थी बड़ी तेजी

इससे पहले 6 मई को शेयर बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिली थी। सेंसेक्स 941 अंक चढ़कर 77,959 पर बंद हुआ था। वहीं निफ्टी भी 298 अंक मजबूत होकर 24,331 के स्तर पर पहुंच गया था। यही कारण है कि गुरुवार को कई निवेशकों ने मुनाफावसूली को प्राथमिकता दी। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है, खासकर तब तक जब तक विदेशी निवेशकों की बिकवाली कम नहीं होती।

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