केंद्र सरकार ने जुलाई से सितंबर तिमाही के लिए PPF, सुकन्या समृद्धि, SCSS, NSC समेत सभी छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरें यथावत रखी हैं। लगातार नौवीं तिमाही में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
नई दिल्ली। छोटी बचत योजनाओं में निवेश करने वाले करोड़ों लोगों के लिए केंद्र सरकार ने जुलाई से सितंबर तिमाही की ब्याज दरों का ऐलान कर दिया है। सरकार ने इस बार भी पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF), सुकन्या समृद्धि योजना, सीनियर सिटिजन सेविंग्स स्कीम (SCSS), नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC) समेत सभी प्रमुख योजनाओं की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है।
वित्त मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार, एक जुलाई से 30 सितंबर 2026 तक लागू रहने वाली दूसरी तिमाही में निवेशकों को पहले जैसी ही ब्याज दरों का लाभ मिलेगा। लगातार नौवीं तिमाही तक दरें स्थिर रहने से यह साफ हो गया है कि फिलहाल सरकार छोटी बचत योजनाओं के रिटर्न में कोई बदलाव करने के पक्ष में नहीं है।
ब्याज दरें लगातार नौवीं तिमाही तक स्थिर
वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के लिए सभी स्मॉल सेविंग्स स्कीम की ब्याज दरें पहली तिमाही के बराबर रहेंगी। सरकार ने इन योजनाओं की ब्याज दरों में आखिरी संशोधन वित्त वर्ष 2023-24 की चौथी तिमाही में किया था। इसके बाद से लगातार नौ बार दरों को बिना बदलाव के जारी रखा गया है।
किस योजना पर कितना मिलेगा रिटर्न
दूसरी तिमाही में सुकन्या समृद्धि योजना पर 8.2 प्रतिशत की ब्याज दर जारी रहेगी, जो इन योजनाओं में सबसे अधिक रिटर्न देने वालों में शामिल है। पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) और तीन वर्ष की सावधि जमा पर 7.1 प्रतिशत ब्याज मिलेगा। नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC) पर 7.7 प्रतिशत और किसान विकास पत्र (KVP) पर 7.5 प्रतिशत की दर से ब्याज मिलता रहेगा। किसान विकास पत्र की मैच्योरिटी अवधि 115 महीने निर्धारित है। वहीं पोस्ट ऑफिस सेविंग्स अकाउंट पर चार प्रतिशत और पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम (MIS) पर 7.4 प्रतिशत ब्याज पहले की तरह जारी रहेगा।
निवेशकों के लिए क्या है इसका मतलब
ब्याज दरों में बदलाव नहीं होने से मौजूदा निवेशकों के रिटर्न पर कोई असर नहीं पड़ेगा और नई तिमाही में निवेश करने वालों को भी पहले जैसी ही दरों का लाभ मिलेगा। जिन लोग सुरक्षित और गारंटीड रिटर्न वाली सरकारी योजनाओं में निवेश करते हैं, उनके लिए यह फैसला स्थिरता का संकेत माना जा रहा है, हालांकि ब्याज बढ़ने की उम्मीद कर रहे निवेशकों को फिलहाल इंतजार करना होगा।