सोने-चांदी की कीमतों में आज बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिला। MCX पर चांदी ने सोने से 3 गुना तेज रफ्तार दिखाई, जबकि वैश्विक तनाव ने बाजार को प्रभावित किया।
सोने और चांदी की कीमतों में शुक्रवार को बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिला। घरेलू बाजार में शुरुआत सामान्य रही, लेकिन दोपहर तक तस्वीर पूरी तरह बदल गई। चांदी ने अचानक तेज रफ्तार पकड़ ली और सोने की तुलना में करीब 3 गुना तेजी दिखाते हुए लगभग 1 फीसदी तक उछाल दर्ज किया।
अमेरिका, ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव का असर सीधे बुलियन मार्केट पर दिखाई दे रहा है। निवेशक सुरक्षित निवेश की ओर लौट रहे हैं, जिससे सोना और चांदी दोनों में खरीदारी बढ़ी है। हालांकि, शुक्रवार को चांदी ने सबसे ज्यादा ध्यान खींचा।
दोपहर तक सोना-चांदी में बड़ा बदलाव
शुक्रवार दोपहर करीब 1:30 बजे MCX पर 5 जून 2026 डिलीवरी वाला सोना 460 की बढ़त के साथ 1,52,720 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। वहीं, 3 जुलाई 2026 डिलीवरी वाली चांदी 2,459 की तेज छलांग लगाकर 2.61 लाख के करीब पहुंच गई। प्रतिशत के हिसाब से देखें तो सोना करीब 0.30 फीसदी मजबूत हुआ, जबकि चांदी लगभग 1 फीसदी तक चढ़ गई। यानी चांदी की तेजी सोने के मुकाबले करीब 3 गुना ज्यादा रही।
सुबह की ओपनिंग में भी दिखी मजबूती
MCX पर सुबह 9 बजे सोने का जून कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोजिंग 1,52,261 के मुकाबले 411 की बढ़त के साथ 1,52,672 पर खुला था। सुबह 9:43 बजे तक सोना 471 की मजबूती के साथ 1,52,732 पर पहुंच गया। कारोबार के दौरान इसने 1,53,103 का हाई और 1,52,672 का लो बनाया। दूसरी तरफ चांदी का जुलाई कॉन्ट्रैक्ट 2,58,540 की पिछली क्लोजिंग के मुकाबले 1,445 बढ़कर 2,59,999 पर खुला।
कुछ ही देर में चांदी 2,118 की मजबूती के साथ 2,60,658 तक पहुंच गई। कारोबार के दौरान इसका हाई 2,61,811 और लो 2,59,999 रहा।
इंटरनेशनल मार्केट में भी तेजी
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी गोल्ड और सिल्वर दोनों में मजबूती देखी गई। कॉमेक्स पर सोना 0.28 फीसदी बढ़कर 4,725 डॉलर प्रति औंस के करीब कारोबार करता दिखा। वहीं, चांदी 0.17 फीसदी की तेजी के साथ 80.30 डॉलर प्रति औंस पर रही। वैश्विक निवेशकों का फोकस फिलहाल सुरक्षित एसेट्स पर बना हुआ है।
क्यों बढ़ रहे हैं सोना-चांदी के दाम?
विशेषज्ञों के मुताबिक अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने बाजार में अनिश्चितता बढ़ा दी है। इजरायल से जुड़े घटनाक्रम ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ाई है। ऐसे माहौल में निवेशक जोखिम वाले एसेट्स से निकलकर सोना और चांदी जैसे सुरक्षित निवेश विकल्पों की तरफ जा रहे हैं। इसी वजह से बुलियन मार्केट में तेजी बनी हुई है।
हालांकि, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बातचीत भी जारी है और बाजार को उम्मीद है कि दोनों पक्षों के बीच जल्द कोई अस्थायी समझौता हो सकता है। ऐसे में आने वाले दिनों में गोल्ड और सिल्वर की कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।