सोना ₹1.48 लाख और चांदी ₹2.31 लाख प्रति किलो पहुंची। वहीं शेयर बाजार में तेजी, सेंसेक्स 787 अंक चढ़ा और निफ्टी 22968 पर बंद हुआ। बैंकिंग और रियल्टी शेयरों में खरीदारी देखी गई।
नई दिल्ली। घरेलू बाजार में सोना-चांदी की कीमतों में मंगलवार को तेजी देखने को मिली। वहीं शेयर बाजार में भी मजबूती दर्ज की गई। कीमती धातुओं के दाम बढ़ने के साथ ही इक्विटी मार्केट में बैंकिंग और रियल एस्टेट सेक्टर में खरीदारी का रुख रहा।
सोना-चांदी में तेजी
इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना ₹1,283 बढ़कर ₹1.48 लाख पर पहुंच गया। वहीं, एक किलो चांदी ₹3,215 बढ़कर ₹2.31 लाख प्रति किलो हो गई। हालांकि इससे पहले 3 अप्रैल को सोना ₹1.47 लाख और चांदी ₹2.28 लाख प्रति किलो थी।
इस साल अब तक का प्रदर्शन
2026 में अब तक सोना करीब ₹14,696 महंगा हो चुका है, जबकि चांदी में ₹608 की बढ़ोतरी हुई है। हालांकि, फरवरी के अंत में अंतरराष्ट्रीय तनाव के बाद दोनों धातुओं में गिरावट भी दर्ज की गई थी।
अलग-अलग शहरों में अलग रेट क्यों?
विशेषज्ञों के अनुसार, सोने की कीमत शहरों के अनुसार अलग-अलग होने के पीछे कई कारण हैं। इसमें ट्रांसपोर्टेशन और सुरक्षा लागत, स्थानीय मांग और खपत, ज्वेलरी एसोसिएशन द्वारा तय दरें और ज्वेलर्स का पुराना स्टॉक और खरीद मूल्य शामिल है।
सरकार के फैसले का असर
सरकार ने सोने-चांदी और प्लैटिनम ज्वेलरी को ‘फ्री’ से ‘रिस्ट्रिक्टेड’ कैटेगरी में डाल दिया है। अब विदेश से गहने मंगाने के लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे सप्लाई प्रभावित हो सकती है और कीमतों में बढ़ोतरी का दबाव बना रह सकता है।
शेयर बाजार में भी तेजी
हफ्ते के पहले कारोबारी दिन शेयर बाजार मजबूती के साथ बंद हुआ। सेंसेक्स 787 अंक (1.07%) चढ़कर 74,106 पर बंद हुआ। इसके अलावा निफ्टी भी 255 अंक (1.12%) बढ़कर 22,968 पर पहुंच गया। आज के कारोबार में बैंकिंग और रियल एस्टेट सेक्टर के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली।
एशियाई बाजारों का हाल
दक्षिण कोरिया का कोस्पी 1.36% चढ़ा
जापान का निक्केई 0.55% ऊपर बंद हुआ
हांगकांग और चीन के बाजार बंद रहे
एक्सपर्ट की राय
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि इस सप्ताह शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। ग्लोबल फैक्टर्स जैसे मिडिल ईस्ट का तनाव, करेंसी मूवमेंट और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां बाजार की दिशा तय करेंगी। रिलायंस ब्रोकिंग के विशेषज्ञों के अनुसार, मौजूदा स्थिति में निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए और मजबूत फंडामेंटल वाले लार्ज-कैप शेयरों पर फोकस करना चाहिए।