भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को बड़ी गिरावट देखी गई, जिसमें सेंसेक्स 1100 अंक और निफ्टी 300 अंक गिर गए। वैश्विक तनाव और FII की बिकवाली के बीच यह गिरावट आई।
वैश्विक तनाव और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली के बीच बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली। कारोबार के दौरान बीएसई सेंसेक्स 1100 अंक यानी करीब 1.50 प्रतिशत टूटकर 73,600 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं एनएसई निफ्टी भी 300 अंक यानी 1.40 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,150 के आसपास कारोबार करता नजर आया।बाजार में सबसे ज्यादा दबाव आईटी और रियल्टी सेक्टर के शेयरों पर रहा। निवेशकों की बिकवाली के चलते अधिकांश सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में कारोबार करते दिखे।
गिरावट के तीन प्रमुख कारण
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार शेयर बाजार में कमजोरी के पीछे तीन प्रमुख कारण हैं। पहला, अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ा दी है। दूसरा, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) लगातार भारतीय बाजार से पैसा निकाल रहे हैं। तीसरा, भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) द्वारा मानसून के अनुमान को 92 प्रतिशत से घटाकर 90 प्रतिशत किए जाने से कृषि और अर्थव्यवस्था पर असर की आशंका बढ़ी है।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी
आंकड़ों के मुताबिक मंगलवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII/FPI) ने 8,363 करोड़ रुपए के शेयर बेचे। पिछले सात कारोबारी सत्रों में एफआईआई की कुल निकासी 33,381 करोड़ रुपए और पिछले 30 दिनों में 71,074 करोड़ रुपए तक पहुंच गई है।वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने मंगलवार को 9,589 करोड़ रुपए की खरीदारी की। पिछले 30 दिनों में डीआईआई ने 92,603 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे हैं।
एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख
एशियाई बाजारों में कारोबार मिला-जुला रहा। जापान का निक्केई सूचकांक 2.57 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा, जबकि हांगकांग का हैंगसेंग 1.56 प्रतिशत गिर गया। दक्षिण कोरिया का कोस्पी मामूली बढ़त के साथ कारोबार करता रहा।
अमेरिकी बाजार में रही तेजी
मंगलवार को अमेरिकी बाजार बढ़त के साथ बंद हुए थे। डाउ जोन्स 229 अंक चढ़ा, जबकि एसएंडपी 500 और नैस्डैक में भी हल्की तेजी दर्ज की गई थी।
एक दिन पहले बाजार में आई थी तेजी
उल्लेखनीय है कि मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार मजबूत बढ़त के साथ बंद हुआ था। सेंसेक्स 383 अंक की तेजी के साथ बंद हुआ था, लेकिन बुधवार को वैश्विक संकेतों और बिकवाली के दबाव के चलते बाजार फिर कमजोर पड़ गया।