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अटल जी की अंतिम यात्रा में प्रधानमंत्री मोदी भाजपा मुख्यालय से राष्ट्रीय स्मृति स्थल तक पैदल ही गए

अटल जी की अंतिम यात्रा में प्रधानमंत्री मोदी भाजपा मुख्यालय से राष्ट्रीय स्मृति स्थल तक पैदल ही गए
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हजारों शोकाकुल देशवासियों के साथ पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की अंतिम यात्रा में भारतीय जनता पार्टी मुख्यालय से राष्ट्रीय स्मृति स्थल का सफर पैदल चलकर पूरा किया।

सैन्य वाहन पर फूलों और वंदनवार से सजी अर्थी को ले जा रहे सैन्य वाहन के पीछे मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, गृहमंत्री राजनाथ सिंह और कई राज्यों के मुख्यमंत्री चल रहे थे। उनके पीछे हजारों की संख्या में अटल जी के अनुयायी और प्रशंसक 'अटल बिहारी वाजपेयी, अमर रहें' भारत माता की जय और वंदे मातरम के नारे लगाते हुए आगे बढ़ रहे थे। सड़क के दोनों ओर हजारों की संख्या में दिल्ली वासी और देश के विभिन्न भागों से आए लोग दिवंगत नेता के अंतिम दर्शन के लिए खड़े थे। अर्थी पर पूरे रास्ते पुष्प वर्षा होती रही।

प्रधानमंत्री मोदी ने स्पेशल प्रोटक्शन ग्रुप (एसपीजी) की सुरक्षा नियमावली को दरकिनार करते हुए अपने मार्गदर्शक नेता की अंतिम यात्रा में पैदल चलकर अंत्येष्टि स्थल तक जाने का फैसला किया। उनके चारों ओर सुरक्षा का घेरा था, जिसे सड़कों पर उमड़ी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मशक्कत करनी पड़ी।

अंतिम यात्रा दीनदयाल उपाध्याय मार्ग स्थित भाजपा मुख्यालय से शुरू होकर आईटीओ, दिल्ली गेट होते हुए रिंग रोड पहुंची। यात्रा महात्मा गांधी की समाधि राजघाट के पास स्मृति स्थल पर करीब 4 बजे पहुंची। देश के विभिन्न राज्यों से आये वरिष्ठ नेता, सार्क देशों के मंत्रीगण और अन्य विशिष्ट व्यक्ति सीधे स्मृति स्थल पहुंचे। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत और महासचिव भैय्याजी जोशी अपने इस अद्वितीय स्वयंसेवक को विदाई देने के लिए वहां मौजूद थे।

स्मृति स्थल पर एक खुले स्थान पर अटल बिहारी वाजपेयी का पार्थिव शरीर एक चबूतरे पर रखा गया, जहां राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण और तीनों सेनाओं के प्रमुखों ने माल्यार्पण किया। दिवंगत नेता को सैन्य टुकड़ी ने अंतिम सलामी दी।

राजधानी में यह विरला अवसर था जब किसी राष्ट्रीय नेता की अंतिम यात्रा में इतनी बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। प्रधानमंत्री का पैदल चलकर इतनी लम्बी दूरी पूरी कर अंत्येष्टि स्थल पहुंचना भी अभूतपूर्व घटना रही।

Updated : 2018-08-18T00:02:36+05:30
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Swadesh Digital

स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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