पीरियड पेन से राहत पाने के लिए महिलाएं आज़मा रही हैं ये 3 नई थेरेपी, दवा के बिना भी मिल रहा आराम
Period Pain Relief: हर महीने पीरियड्स के दौरान होने वाला दर्द यानी मेन्स्ट्रुअल क्रैम्प्स कई महिलाओं की ज़िंदगी में रुकावट बन जाता है। कुछ महिलाओं को हल्का दर्द होता है तो कई बार ये दर्द इतना तेज़ होता है कि ऑफिस जाना, काम करना या घर के काम संभालना भी मुश्किल हो जाता है। लेकिन अब इस दर्द से निपटने के लिए महिलाएं सिर्फ दवा या गर्म पानी की बोतल पर निर्भर नहीं हैं बल्कि कुछ नई और असरदार थेरेपीज़ को अपनाने लगी हैं जिनसे उन्हें काफी राहत मिल रही है।
TENS थेरेपी क्या है
इन नई तकनीकों में सबसे पहले नाम आता है TENS थेरेपी का। इसका पूरा नाम है Transcutaneous Electrical Nerve Stimulation। इसमें एक छोटा इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस होता है जिसे पेट या कमर के निचले हिस्से पर लगाया जाता है। यह डिवाइस हल्की-हल्की इलेक्ट्रिक तरंगें भेजता है जिससे नसों को आराम मिलता है और दर्द में कमी आती है। यह तकनीक पूरी तरह सुरक्षित है और इसमें किसी तरह की दवा नहीं लेनी पड़ती। अब भारत में भी यह डिवाइस आसानी से ऑनलाइन और मेडिकल स्टोर्स पर उपलब्ध है।
एक्यूप्रेशर बेल्ट और थर्मल पैच क्या है
दूसरी थेरेपी है एक्यूप्रेशर बेल्ट और थर्मल पैच। एक्यूप्रेशर बेल्ट खास बिंदुओं पर दबाव डालता है जिससे ब्लड फ्लो सुधरता है और दर्द कम होता है। वहीं, थर्मल पैच शरीर में गर्मी पहुंचाकर मांसपेशियों को आराम देता है। यह तरीका उनके लिए खासतौर पर फायदेमंद है जो पेनकिलर से बचना चाहते हैं। महिलाएं इन बेल्ट्स को दिनभर के काम के दौरान भी आसानी से पहन सकती हैं।
अरोमा थेरेपी क्या है
तीसरी थेरेपी जो अब महिलाओं के बीच काफी पॉपुलर हो रही है, वह है अरोमा थेरेपी। लैवेंडर, क्लैरी सेज और पेपरमिंट जैसे एसेंशियल ऑयल्स को हल्के हाथ से पेट पर मालिश करने से न सिर्फ मांसपेशियों को आराम मिलता है बल्कि तनाव भी कम होता है। पीरियड पेन के साथ अक्सर मूड स्विंग्स और चिड़चिड़ापन भी होता है, ऐसे में अरोमा थेरेपी डबल फायदा देती है।