सड़क के डिवाइडर पर काले और पीले रंग की धारियां सिर

आप रोज देखते हैं डिवाइडर पर काले-पीले रंग की ये धारियां, क्या जानते हैं इसका रहस्य

Yellow And Black painted in Divider

सड़क पर चलते समय आपने डिवाइडर पर बनी काले और पीले रंग की पट्टियां जरूर देखी होंगी। शहर की सड़कों से लेकर हाईवे तक यह पैटर्न आम नजर आता है। कई लोग इसे सिर्फ सड़क की खूबसूरती बढ़ाने वाला डिजाइन मानते हैं। लेकिन इसके पीछे सड़क सुरक्षा से जुड़ी एक अहम वजह होती है। 

दरअसल, इन रंगों का चुनाव सोच-समझकर किया गया है। डिवाइडर को दूर से पहचानने और वाहन चालकों को पहले से सतर्क करने के लिए इनका इस्तेमाल किया जाता है। खासकर तेज रफ्तार वाहनों के लिए यह संकेत काफी महत्वपूर्ण होता है।

काले-पीले रंग से तुरंत क्यों नजर आता है डिवाइडर

डिवाइडर पर पीले और काले रंग का कॉम्बिनेशन इसलिए किया जाता है क्योंकि दोनों रंगों के बीच कंट्रास्ट काफी ज्यादा होता है। तेज रोशनी, कम रोशनी या बदलते मौसम में भी यह पैटर्न आसानी से दिखाई देता है। जब वाहन चालक दूर से डिवाइडर को देख लेते हैं तो उन्हें सड़क की दिशा समझने में मदद मिलती है। इससे अचानक ब्रेक लगाने या डिवाइडर से टकराने जैसी घटनाओं की संभावना कम हो जाती है।

रात और कोहरे में बढ़ जाती है उपयोगिता

रात के समय सड़क पर रोशनी कम होने या कोहरे के कारण विजिबिलिटी घट जाती है। ऐसे हालात में काले-पीले रंग की धारियां हेडलाइट की रोशनी में जल्दी दिखाई देती हैं। कई जगहों पर इन रंगों के साथ रिफ्लेक्टिव पेंट या चमकदार सामग्री का इस्तेमाल किया जाता है। वाहन की लाइट पड़ते ही यह चमकने लगती है और ड्राइवर को डिवाइडर की स्थिति का अंदाजा पहले ही हो जाता है।

सड़क सुरक्षा मानकों से जुड़ा है यह पैटर्न

काले और पीले रंग का इस्तेमाल केवल भारत में ही नहीं बल्कि कई देशों में चेतावनी और दिशा संकेत के तौर पर किया जाता है। सड़क पर ऐसे रंगों का उद्देश्य वाहन चालकों का ध्यान तुरंत आकर्षित करना होता है। यह रंग ड्राइवर को अपनी गति नियंत्रित करने और सड़क की स्थिति के अनुसार फैसला लेने में मदद करते हैं। खासकर व्यस्त सड़कों और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में इनका महत्व ज्यादा बढ़ जाता है।

सड़क पर बनी सफेद लाइनों का भी होता है मतलब

सड़क सुरक्षा में सिर्फ डिवाइडर के रंग ही नहीं बल्कि सड़क पर बनी सफेद लाइनें भी अहम भूमिका निभाती हैं। इन लाइनों के जरिए वाहन चालकों को लेन और ओवरटेकिंग से जुड़े संकेत दिए जाते हैं। अगर सड़क पर लगातार सफेद लाइन बनी हो तो इसका मतलब होता है कि वाहन चालक को लेन नहीं बदलनी चाहिए और दूसरी गाड़ी को ओवरटेक करने से बचना चाहिए। वहीं, टूटी हुई सफेद लाइन यह संकेत देती है कि सुरक्षित स्थिति में वाहन चालक लेन बदल सकता है या ओवरटेक कर सकता है। इस तरह सड़क पर बने रंग और निशान ट्रैफिक व्यवस्था को सुरक्षित और व्यवस्थित रखने में मदद करते हैं।