नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के बहुप्रतीक्षित IPO से

NSE IPO से पहले 'SELL' कॉल, ब्रॉकरेज हाउस ने 26% गिरावट का टारगेट क्यों दिया?

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देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज NSE के मेगा IPO से पहले बाजार में नई बहस शुरू हो गई है। जहां निवेशक लंबे समय से इस इश्यू का इंतजार कर रहे हैं। वहीं, घरेलू ब्रोकरेज दौलत कैपिटल मार्केट्स ने अनलिस्टेड NSE शेयरों पर 'Sell' रेटिंग जारी कर दी है। रिपोर्ट में मौजूदा वैल्यूएशन को महंगा बताते हुए निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

ब्रॉकरेज हाउस की यह राय ऐसे समय आई है जब एनएसई IPO के लिए ड्राफ्ट दस्तावेज जमा कर चुका है। वहीं, लिस्टिंग की प्रक्रिया नियामकीय मंजूरी पर निर्भर है। ऐसे में ब्रोकरेज की रिपोर्ट निवेशकों के लिए एक अलग नजरिया पेश कर रही है।

ब्रॉकरेज ने 1550 रुपये का टारगेट क्यों दिया?

दौलत कैपिटल ने NSE के अनलिस्टेड शेयर के लिए 1,550 रुपये का लक्ष्य तय किया है। प्राइवेट मार्केट में यह शेयर करीब 2,085 रुपये पर कारोबार कर रहा है। यानी ब्रोकरेज के अनुमान के अनुसार मौजूदा स्तर से करीब 26% की गिरावट की संभावना है। रिपोर्ट का तर्क है कि शेयर का वैल्यूएशन उसकी संभावित ग्रोथ की तुलना में अधिक दिखाई देता है।

रेगुलेशन से कारोबार पर दबाव की आशंका

ब्रोकरेज का कहना है कि इक्विटी डेरिवेटिव्स बाजार में सख्त नियामकीय बदलाव आने वाले समय में ट्रेडिंग वॉल्यूम को प्रभावित कर सकते हैं। यदि रिटेल भागीदारी घटती है और बाजार की गतिविधियां कमजोर रहती हैं तो NSE की आय और बाजार हिस्सेदारी पर भी असर पड़ सकता है।

ग्रोथ को लेकर क्या है अनुमान

रिपोर्ट के मुताबिक वित्त वर्ष 2026 से 2029 के बीच NSE के ऑप्शंस ट्रेडिंग टर्नओवर में औसतन 4% सालाना गिरावट आ सकती है। इसके पीछे सख्त नियम, कमजोर बाजार चक्र और रिटेल निवेशकों की घटती भागीदारी को प्रमुख कारण बताया गया है। इसी आधार पर ब्रोकरेज ने BSE और MCX पर भी 'Sell' रेटिंग जारी की है।

IPO पर निवेशकों की नजर बनी रहेगी

NSE ने IPO के लिए ड्राफ्ट पेपर्स दाखिल कर दिए हैं और लिस्टिंग की दिशा में प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। हालांकि इश्यू को अभी भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) की मंजूरी मिलनी बाकी है। ऐसे में IPO आने तक ब्रोकरेज रिपोर्ट, नियामकीय फैसले और बाजार की स्थिति निवेशकों की रणनीति तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।