गर्मियों में नकली पनीर का खतरा बढ़ जाता है। जानिए

गर्मी में नकली पनीर से सावधान, खरीदने से पहले ऐसे पहचानें असली और मिलावटी फर्क

Paneer Health Care

गर्मियों में पनीर जैसी डेयरी चीजें तेजी से खराब होने लगती हैं और इसी दौरान बाजार में नकली पनीर की बिक्री भी बढ़ जाती है। यह सेहत के लिए बड़ा खतरा बन सकता है, खासकर बच्चों के लिए। रिपोर्ट्स के मुताबिक कई जगहों पर असली पनीर की जगह स्टार्च, वनस्पति घी और केमिकल मिले हुए एनालॉग पनीर बेचे जा रहे हैं। देखने में यह असली जैसा लगता है लेकिन शरीर को नुकसान पहुंचा सकता है। इसी वजह से खरीदारी के समय थोड़ी सावधानी आपको बड़ी हेल्थ प्रॉब्लम से बचा सकती है।

नकली पनीर में मिलते हैं खतरनाक तत्व

विशेषज्ञों के अनुसार नकली पनीर में कई तरह के हानिकारक तत्व मिलाए जाते हैं। इसमें स्टार्च, सिंथेटिक दूध, डिटर्जेंट और अन्य केमिकल तक शामिल हो सकते हैं। ऐसा पनीर न सिर्फ स्वाद को प्रभावित करता है बल्कि लंबे समय में शरीर के अंदरूनी अंगों पर भी असर डाल सकता है। बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह ज्यादा खतरनाक माना जाता है।

घर पर ऐसे करें असली और नकली पनीर की पहचान

अगर पनीर को गर्म पानी में डालने पर वह रबड़ जैसा हो जाए या टूटने लगे तो यह नकली होने का संकेत हो सकता है। असली पनीर हल्का मुलायम और दानेदार होता है जबकि नकली पनीर अक्सर चिकना और प्लास्टिक जैसा महसूस होता है। आयोडीन टेस्ट भी मददगार माना जाता है। अगर पनीर पर आयोडीन डालने पर रंग नीला या बैंगनी हो जाए तो उसमें स्टार्च मिलाया गया हो सकता है।

गंध और बनावट से भी लग सकता है अंदाजा

असली पनीर में हल्की दूध जैसी खुशबू आती है जबकि नकली पनीर से अक्सर ऑयली या केमिकल जैसी गंध आती है। बनावट भी एक बड़ा संकेत है। असली पनीर नरम और प्राकृतिक लगता है जबकि मिलावटी पनीर असामान्य रूप से सख्त या चमकदार दिख सकता है।

सेहत पर पड़ सकता है गंभीर असर

नकली पनीर का लगातार सेवन पाचन संबंधी समस्याएं, पेट इंफेक्शन, मोटापा और लिवर-किडनी से जुड़ी दिक्कतों का कारण बन सकता है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि गर्मियों में बाहर से पनीर खरीदते समय खास सावधानी रखें और शक होने पर उसकी गुणवत्ता की जांच जरूर करें।