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होटल-रेस्टोरेंट अब नहीं वसूल सकेंगे LPG चार्ज, सरकार ने दी सख्त चेतावनी

पूरे देश में LPG गैस की किल्लत को लेकर कुछ होटल और रेस्टोरेंटों ने खाने के चार्ज के साथ ‘LPG चार्ज’ लगाना शुरू कर दिया था। लेकिन इसको लेकर राहत की खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि अब रेस्टोरेंट अपने बिल में ‘LPG चार्ज’ या किसी भी तरह का एकस्ट्रा चार्ज नहीं जोड़ सकेंगे। खाने की कीमत के अलावा सिर्फ सरकारी टैक्स ही लिया जा सकता है।

अब अलग से नहीं लगा सकते बिल में चार्ज

सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी (CCPA) ने निर्देश जारी करते हुए कहा है कि गैस या अन्य खर्चों का बोझ सीधे ग्राहकों पर डालना नियमों के खिलाफ है। रेस्टोरेंट को अपनी सभी लागत पहले से ही मेन्यू में शामिल करनी होगी, न कि बिल बनाते समय अलग से जोड़नी चाहिए।

5% का लगाया एकस्ट्रा चार्ज

हाल ही में बेंगलुरु के एक कैफे का मामला सामने आया था, जहां ग्राहकों से ‘गैस क्राइसिस चार्ज’ के नाम पर अतिरिक्त रकम वसूली गई। दो मिंट लेमोनेड के बिल पर डिस्काउंट देने के बाद GST के साथ 5% अतिरिक्त चार्ज जोड़ा गया, जिससे कुल रकम बढ़ गई। इस तरह के मामलों को गंभीरता से लेते हुए CCPA ने सख्त रुख अपनाया है।

जांच में यह भी सामने आया कि कई रेस्टोरेंट ‘सर्विस चार्ज’ पर लगी रोक को दरकिनार करने के लिए नए नामों से अतिरिक्त फीस वसूल रहे हैं। अथॉरिटी ने इसे उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन बताते हुए ऐसी गतिविधियों पर कड़ी निगरानी और कार्रवाई की चेतावनी दी है।

अगर बिल में दिखे एक्स्ट्रा चार्ज तो क्या करें? अगर किसी ग्राहक के बिल में LPG चार्ज, फ्यूल चार्ज या अन्य कोई अतिरिक्त शुल्क जुड़ा हुआ दिखाई देता है, तो सबसे पहले रेस्टोरेंट प्रबंधन से उसे हटाने की मांग करें। अगर वे इनकार करते हैं, तो उपभोक्ता शिकायत दर्ज कर सकते हैं। इसके लिए नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन 1915 पर कॉल किया जा सकता है। इसके अलावा NCH मोबाइल ऐप, ई-जागृति पोर्टल या जिला कलेक्टर एवं CCPA के पास भी शिकायत की जा सकती है।

सरकार का यह कदम ग्राहकों के हितों की रक्षा करने और रेस्टोरेंट्स की मनमानी पर रोक लगाने के लिए अहम माना जा रहा है।