बसंत पंचमी के दिन पीले रंग का क्या महत्व है? जानिए

बसंत पंचमी पर आखिर पीले रंग का क्या है महत्व? जानें इसके पीछे की वजह

बसंत पंचमी का त्योहार ज्ञान, कला और संगीत की देवी माँ सरस्वती को समर्पित होता है। यह पर्व बसंत ऋतु के आगमन का भी प्रतीक है, जब प्रकृति अपने रंग-बिरंगे श्रृंगार से हरियाली और खुशहाली लाती है। लेकिन क्या आपने सोचा है कि पीले रंग का इस दिन क्या महत्व है और क्यों इस दिन पीले रंग के कपड़े पहने जाते हैं? आज के इस आर्टिकल में हम आपको बसंत पंचमी के दिन पीले रंग के विशेष महत्व के बारे में बताएंगे।

मां सरस्वती की उत्पत्ति

माना जाता है कि सृष्टि की रचना करते समय ब्रह्माजी ने अपने कमंडल से जल छिड़का, जिससे शक्ति रूप में छह भुजाओं वाली देवी प्रकट हुईं। इन्हीं देवी को सरस्वती के नाम से जाना जाता है। इस दिन विशेष रूप से विद्यार्थी, कलाकार और बुद्धिजीवी मां सरस्वती की पूजा करके अपने जीवन में ज्ञान, कला और बुद्धि की वृद्धि की कामना करते हैं। इस दिन बच्चों का विद्यारंभ भी किया जाता है, यानी उन्हें पहली बार "ॐ" लिखना सिखाया जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को बसंत पंचमी का त्यौहार मनाया जाता है।

पीले रंग का महत्व

बसंत पंचमी के दिन पीले रंग के कपड़े पहनना शुभ माना जाता है। क्योंकि पीला रंग माता सरस्वती का प्रिय रंग है, और इस दिन पीले रंग के कपड़े पहनकर मां सरस्वती की पूजा करने से उनकी विशेष कृपा बनी रहती है। साथ ही, पीला रंग ज्ञान, ऊर्जा और सकारात्मकता का प्रतीक है। इस दिन माता सरस्वती को प्रसन्न करने के लिए पीले वस्त्र चढ़ाए जाते हैं। पीले रंग के फूल अर्पित किए जाते हैं और कई जगहों पर पीले रंग के प्रसाद का भोग भी लगाया जाता है।

प्राकृतिक महत्व

प्राकृतिक दृष्टि से भी, बसंत ऋतु में प्रकृति हरियाली और खुशहाली से भर जाती है। सरसों के खेतों में पीले फूल खिलने लगते हैं। पेड़ों पर नई कोपलें आती हैं और चारों ओर हरियाली के साथ पीले रंग की छटा दिखाई देती है। ऐसे में पीले कपड़े पहनना प्रकृति के इस सुंदर बदलाव के साथ जुड़ने और उसका उत्सव मनाने का एक तरीका माना जाता है।

वैज्ञानिक और मानसिक प्रभाव

विज्ञान के अनुसार, रंग हमारे शरीर और मन पर गहरा प्रभाव डालते हैं। पीला रंग ऊर्जा, उत्साह और खुशी का प्रतीक माना जाता है। यह न केवल हमारे मन को प्रसन्न करता है, बल्कि नकारात्मक विचारों को भी दूर भगाता है। पीले रंग से मन एकाग्र होता है और हम अपने सभी कामों को ध्यान केंद्रित करके कर पाते हैं। यही कारण है कि पढ़ाई, कला, ज्ञान और रचनात्मकता से जुड़े सभी कार्य बसंत पंचमी के अवसर पर पीले रंग के कपड़े पहनकर और पीले फूल अर्पित करके किए जाते हैं। पीला रंग हमारे जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और लाभ लेकर आता है, इसलिए इसे विशेष रूप से शुभ माना जाता है।

बसंत पंचमी केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि ज्ञान, संस्कृति और प्रकृति के साथ हमारे गहरे संबंध का प्रतीक है। इस दिन पीला रंग का विशेष महत्व है। यह रंग सकारात्मकता, ऊर्जा और बुद्धि का संदेश भी देता है।