हेल्दी फूड्स से जुड़ी 6 बड़ी गलतफहमियां, जिन पर आंख बंद करके भरोसा करना पड़ सकता है भारी
Health Tips: सेहत को लेकर आजकल लोगों में काफी जागरूकता बढ़ती जा है। सभी चाहते है कि उनका खाना न सिर्फ स्वादिष्ट, बल्कि हेल्दी भी हो। इसी चाह में हम कई बार सोशल मीडिया, ऐडवर्टाइजमेंट और दूसरों की बातें सुनकर कुछ चीजों को सेहतमंद मान लेते है लेकिन सच कुछ और होता है।
पैकेजिंग पर लो फैट, शुगर फ्री, नेचुरल या ऑर्गेनिक जैसे टैग देखकर हम यह सोच लेते है कि वह प्रोडक्ट फायदेमंद है, जबकि उनमें छिपी हुई शुगर, केमिकल्स या कैलोरीज हमारी सेहत को नुकसान पहुंचा सकती है।
तो आइए जानते है हेल्दी खाने से जुड़ी 6 बड़ी गलतफहमियां जिनसे आपको सतर्क रहना चाहिए:
1. ब्राउन ब्रेड मतलब हेल्दी ब्रेड?

अक्सर लोग मानते है कि ब्राउन ब्रेड सफेद ब्रेड से ज्यादा हेल्दी होती है। लेकिन भारत में मिलने वाली ज्यादातर ब्राउन ब्रेड में सिर्फ कलर डालकर उसे हेल्दी दिखाया जाता है। इनमें भी मैदा और शुगर की मात्रा ज्यादा होती है।
2. फोर्टिफाइड फूड से पूरी सेहत मिलती है?

तेल, गेहूं या अनाज को फोर्टिफिकेशन से पोषण बढ़ाया जाता है, लेकिन ये प्राकृतिक स्रोत जैसे फल, सब्जियां या धूप से मिलने वाले विटामिन्स की जगह नहीं ले सकते।
3. जूस पीकर शरीर डिटॉक्स होता है?

आपका लिवर और किडनी ही असली डिटॉक्स मशीन है। जूस में फाइबर कम और शुगर ज्यादा होती है, जिससे वज़न घटाने की जगह ब्लड शुगर लेवल बढ़ सकता है।
4. इंस्टेंट ओट्स हमेशा हेल्दी होते है?

फ्लेवर वाले ओट्स में अक्सर ज्यादा शुगर, टेस्ट एन्हांसर और प्रिजर्वेटिव होते है। चॉकलेट/मसाला ओट्स असल में सेहत के लिए सही नहीं है।
5. मोटा अनाज सबके लिए फायदेमंद है?

मोटा अनाज जैसे बाजरा या रागी फायदेमंद है, लेकिन सभी के शरीर के लिए नहीं। इन्हें ठीक से न पकाया जाए या अधिक मात्रा में खाया जाए तो पाचन संबंधी दिक्कतें और थायरॉइड जैसी समस्याएं हो सकती है।
6. 'शुगर फ्री' मतलब बिना चीनी?

शुगर फ्री प्रोडक्ट्स में अक्सर आर्टिफीशियल स्वीटनर या छिपी हुई शुगर मौजूद होती है जो लंबे समय में नुकसान पहुंचा सकती है।
हर हेल्दी दिखने वाला फूड सच में हेल्दी नहीं होता। पैकेजिंग के दावों पर आंख बंद करके भरोसा करने की बजाय जरूरी है कि हम जागरूक बनें, लेबल ध्यान से पढ़े और अपने शरीर की जरूरतों को समझकर ही खाने का चुनाव करे। सही जानकारी ही अच्छी सेहत की पहली सीढ़ी है।