ISRO को बड़ी सफलता, सेमी-क्रायोजेनिक इंजन का सफल हॉट टेस्ट; अब पूरे इंजन की होगी टेस्टिंग
नई दिल्ली। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने अपने महत्वाकांक्षी अंतरिक्ष कार्यक्रम में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। ISRO के अध्यक्ष वी. नारायणन ने बताया कि सेमी-क्रायोजेनिक इंजन के पावर हेड टेस्ट आर्टिकल (PHTA) का सफल हॉट टेस्ट पूरा कर लिया गया है। इसे देश के अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।
इंजन के 90% थ्रस्ट सिस्टम का सफल परीक्षण
वी. नारायणन के अनुसार, हालिया हॉट टेस्ट में थ्रस्ट चैंबर को छोड़कर इंजन के लगभग 90 प्रतिशत थ्रस्ट लोड सिस्टम का सफल परीक्षण किया गया। इस सफलता के बाद ISRO अब पूरे सेमी-क्रायोजेनिक इंजन के एकीकृत परीक्षण की तैयारी में जुट गया है।
भविष्य के रॉकेटों को मिलेगी ताकत
सेमी-क्रायोजेनिक इंजन तकनीक को भारत के भविष्य के भारी-भरकम लॉन्च व्हीकल्स के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। इससे रॉकेटों की पेलोड क्षमता बढ़ेगी और अंतरिक्ष मिशन अधिक किफायती तथा शक्तिशाली बन सकेंगे।
गगनयान मिशन की तैयारियां अंतिम चरण में
ISRO प्रमुख ने कहा कि गगनयान मिशन देश का सबसे जटिल और तकनीक-प्रधान अंतरिक्ष कार्यक्रम है। मानव को अंतरिक्ष में भेजने से पहले लॉन्च व्हीकल की 'ह्यूमन रेटिंग' प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
पहले होंगे तीन मानव रहित मिशन
गगनयान मिशन के तहत अंतरिक्ष यात्रियों को भेजने से पहले तीन मानव रहित मिशन संचालित किए जाएंगे। इनमें से पहले मिशन की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। ISRO जल्द ही इन मिशनों की तारीखों का आधिकारिक ऐलान कर सकता है।
उपग्रह भी तैयार, जल्द मिलेंगी नई तारीखें
नारायणन ने बताया कि कई उपग्रह तैयार हैं और उन पर अंतिम कार्य जारी है। विभिन्न अंतरिक्ष अभियानों और आगामी लॉन्च की तिथियों की घोषणा जल्द की जाएगी।