2027 तक AI बॉट्स इंसानों से ज्यादा इंटरनेट ट्रैफिक यूज करेंगे, Cloudflare CEO की चेतावनी
नई दिल्ली। इंटरनेट के भविष्य को लेकर एक बड़ी चेतावनी सामने आई है। Cloudflare के सीईओ Matthew Prince ने कहा है कि आने वाले वर्षों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित बॉट्स इंटरनेट ट्रैफिक में इंसानों से आगे निकल सकते हैं। उन्होंने अनुमान जताया कि साल 2027 तक एआई-संचालित बॉट्स द्वारा जनरेट किया गया ट्रैफिक मानव उपयोग से अधिक हो सकता है।
जनरेटिव AI से तेजी से बढ़ रहा बॉट ट्रैफिक
ऑस्टिन में आयोजित SXSW सम्मेलन में बोलते हुए मैथ्यू प्रिंस ने कहा कि जनरेटिव AI के तेजी से विकास ने बॉट्स की संख्या में भारी वृद्धि की है। उन्होंने समझाया कि AI एजेंट किसी कार्य को पूरा करने के लिए इंसानों की तुलना में कहीं अधिक वेबसाइट्स पर विजिट कर सकते हैं। जहां एक व्यक्ति सीमित साइट्स देखता है, वहीं AI सिस्टम हजारों पेज स्कैन कर सकता है।
पहले 20% था बॉट ट्रैफिक
प्रिंस के अनुसार, जनरेटिव AI के आने से पहले इंटरनेट ट्रैफिक में बॉट्स की हिस्सेदारी करीब 20% थी। इसमे सर्च इंजन क्रॉलर (जैसे Google बॉट), डेटा इंडेक्सिंग सिस्टम, कुछ हद तक दुर्भावनापूर्ण बॉट्स शामिल थे। अब AI के बढ़ते उपयोग के कारण यह आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है।
इंटरनेट इंफ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ेगा दबाव
AI बॉट्स के बढ़ते ट्रैफिक से इंटरनेट इंफ्रास्ट्रक्चर पर दबाव बढ़ने की आशंका है। अधिक डेटा प्रोसेसिंग और सर्वर क्षमता की जरूरत होगी। प्रिंस ने कहा कि इस बदलाव को संभालने के लिए नई तकनीकों की आवश्यकता होगी, जैसे
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सैंडबॉक्स आधारित डिजिटल वातावरण
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मजबूत डेटा सेंटर और सर्वर नेटवर्क
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बेहतर ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम
कोविड जैसी नहीं, स्थायी बढ़ोतरी
उन्होंने इस ट्रेंड की तुलना कोविड-19 के दौरान बढ़े इंटरनेट उपयोग से की, लेकिन कहा कि यह वृद्धि अस्थायी नहीं बल्कि स्थायी है। उनके मुताबिक, AI एक बड़ा प्लेटफॉर्म बदलाव है जो इंटरनेट के उपयोग और जानकारी तक पहुंचने के तरीके को पूरी तरह बदल देगा।
भविष्य में क्या बदलेगा
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में AI एजेंट्स ऑनलाइन सर्च और खरीदारी को ऑटोमेट करेंगे। वेबसाइट्स को AI ट्रैफिक के लिए ऑप्टिमाइज़ करना होगा, डिजिटल सुरक्षा और डेटा प्राइवेसी नए स्तर पर चुनौती बन सकती है। AI के बढ़ते प्रभाव के बीच इंटरनेट का स्वरूप तेजी से बदल रहा है, जिसमें इंसानों और मशीनों के बीच की सीमा धीरे-धीरे धुंधली होती जा रही है।