12 टीमें, 33 मुकाबले और 24 दिन का रोमांच, जानिए विमेंस टी20 वर्ल्ड कप का सबसे बड़ा संस्करण के वैन्यू
विमेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 में होने वाला 10वां संस्करण इस बार पहले से कहीं बड़ा और ज्यादा प्रतिस्पर्धी होने जा रहा है। टूर्नामेंट की शुरुआत 12 जून को इंग्लैंड और श्रीलंका के मुकाबले से होगी, जबकि फाइनल 5 जुलाई को ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान पर खेला जाएगा। इस बार 12 टीमें 24 दिनों में कुल 33 मैच खेलेंगी। बढ़ते फॉर्मेट और नई टीमों की एंट्री ने इस टूर्नामेंट को अब तक का सबसे बड़ा विमेंस टी20 वर्ल्ड कप बना दिया है।
इंग्लैंड की मेजबानी में हो रहे इस टूर्नामेंट में जहां ऑस्ट्रेलिया खिताब बचाने उतरेगी। वहीं, भारत पहली बार ‘ग्रुप ऑफ डेथ’ में चुनौती का सामना करेगा।
टूर्नामेंट का नया और बड़ा फॉर्मेट
इस बार पहली बार 12 टीमें वर्ल्ड कप में हिस्सा ले रही हैं। इससे पहले लंबे समय तक 8 और फिर 10 टीमों का फॉर्मेट रहा था। टूर्नामेंट की शुरुआत 2009 में हुई थी, जिसमें केवल 8 टीमें खेलती थीं और इंग्लैंड पहली चैंपियन बनी थी। समय के साथ लोकप्रियता बढ़ी और अब यह आयोजन वैश्विक स्तर पर बड़े क्रिकेट इवेंट्स में शामिल हो गया है। नीदरलैंड्स की एंट्री भी इस बार एक बड़ा बदलाव है, जिसने प्रतिस्पर्धा को और व्यापक बना दिया है।
भारत की कठिन राह, ग्रुप ऑफ डेथ में चुनौती
भारतीय टीम इस बार हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में मैदान पर उतरेगी। टीम में स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा, जेमिमा रोड्रिग्स, ऋचा घोष और दीप्ति शर्मा जैसे प्रमुख खिलाड़ी शामिल हैं। भारत को इस बार ऑस्ट्रेलिया और साउथ अफ्रीका जैसी मजबूत टीमों के साथ एक ही ग्रुप में रखा गया है, जिसे ‘ग्रुप ऑफ डेथ’ कहा जा रहा है। भारत का पहला मैच 14 जून को पाकिस्तान के खिलाफ बर्मिंघम में खेला जाएगा। इसके बाद 21 जून को साउथ अफ्रीका और 28 जून को ऑस्ट्रेलिया से बड़ा मुकाबला होगा।
भारत के लिए अब तक का सफर कैसा रहा
भारतीय महिला टीम ने अब तक सभी 9 वर्ल्ड कप में हिस्सा लिया है। 2020 में टीम पहली बार फाइनल तक पहुंची थी, लेकिन खिताब नहीं जीत सकी। अब तक भारत ने 40 मैचों में 22 जीत दर्ज की हैं और 18 मुकाबलों में हार मिली है। टीम का जीत प्रतिशत 55 प्रतिशत रहा है, जो उसे प्रतिस्पर्धी टीमों की कतार में रखता है। हालांकि ट्रॉफी अभी भी भारत के हाथ नहीं लगी है, जिससे इस बार उम्मीदें और दबाव दोनों बढ़ गए हैं।
पहली बार के बड़े बदलाव
इस संस्करण की सबसे बड़ी खासियत 12 टीमों का फॉर्मेट है। इसके अलावा नीदरलैंड्स का डेब्यू भी एक ऐतिहासिक कदम है। टूर्नामेंट के सभी मैच इंग्लैंड के 7 प्रमुख मैदानों पर खेले जाएंगे, जिसमें लॉर्ड्स पर फाइनल और द ओवल पर दोनों सेमीफाइनल होंगे। फाइनल और सेमीफाइनल को छोड़कर बाकी मैच ओल्ड ट्रैफर्ड (मैनचेस्टर), हेडिंग्ले (लीड्स), एजबेस्टन (बर्मिंघम), ब्रिस्टल काउंटी ग्राउंड (ब्रिस्टल) और हैम्पशायर बाउल (साउथैम्पटन) में खेले जाएंगे। भारत के सभी मैच शाम 7 बजे भारतीय समय के अनुसार खेले जाएंगे, जिससे दर्शकों की पहुंच और आसान हो जाएगी।
कौन है सबसे मजबूत दावेदार
6 बार की चैंपियन ऑस्ट्रेलिया इस टूर्नामेंट की सबसे मजबूत दावेदार मानी जा रही है। वहीं मेजबान इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका भी खिताब की दौड़ में शामिल हैं। दक्षिण अफ्रीका पिछले तीन ICC व्हाइट-बॉल फाइनल खेल चुकी है, जिससे उसकी निरंतरता साफ दिखती है। भारत ने हाल ही में वनडे वर्ल्ड कप जीतकर आत्मविश्वास हासिल किया है, जिससे टीम पर उम्मीदों का दबाव भी बढ़ गया है।
रिकॉर्ड प्राइज मनी और ग्लोबल ब्रॉडकास्ट
ICC ने इस बार रिकॉर्ड 87.64 लाख अमेरिकी डॉलर की कुल प्राइज मनी घोषित की है, जो महिला क्रिकेट के बढ़ते महत्व को दर्शाती है। भारत में इस टूर्नामेंट का सीधा प्रसारण स्टार स्पोर्ट्स और जियोहॉटस्टार पर किया जाएगा, जबकि ICC.TV पर इसकी लाइव स्ट्रीमिंग उपलब्ध रहेगी। यह टूर्नामेंट सिर्फ एक क्रिकेट प्रतियोगिता नहीं, बल्कि महिला क्रिकेट के बढ़ते वैश्विक प्रभाव का बड़ा उदाहरण बनने जा रहा है।