पांचवें टेस्ट से बाहर हुए ऋषभ पंत, तमिलनाडु के खिलाड़ी को मिला मौका
Anderson Tendulkar Trophy 2025: टीम इंडिया को इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज के पांचवें मुकाबले से पहले बड़ा झटका लगा है। प्रमुख विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत चोट के कारण अंतिम टेस्ट से बाहर हो गए हैं। उनकी गैरमौजूदगी में तमिलनाडु के विकेटकीपर नारायण जगदीशन को टीम में शामिल किया गया है।

छह हफ्ते तक बाहर रहेंगे पंत
बीसीसीआई ने मैनचेस्टर टेस्ट के बाद ऋषभ पंत के बाहर होने की पुष्टि की है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पंत के दाहिने पैर की उंगली में फ्रैक्चर पाया गया है। स्कैन में चोट की पुष्टि हुई है। डॉक्टरों ने उन्हें कम से कम छह हफ्ते तक आराम करने की सलाह दी है।
रिवर्स स्वीप खेलते वक्त चोटिल हुए पंत
मैनचेस्टर टेस्ट के पहले दिन ऋषभ पंत 68वें ओवर में चोटिल हो गए। इंग्लिश गेंदबाज क्रिस वोक्स की स्लो यॉर्कर पर उन्होंने रिवर्स स्वीप खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद बल्ले से लगकर सीधे उनके जूते पर जा टकराई। इंग्लैंड ने एलबीडब्ल्यू की अपील की, जिसे अंपायर ने खारिज कर दिया।
इसके बाद पंत दर्द से कराहते दिखे। फिजियो ने मैदान पर आकर जांच की, जिसमें उनके पैर में सूजन पाई गई। जब उनका जूता हटाया गया तो दर्द और बढ़ गया, जिसके चलते उन्हें स्ट्रेचर पर बाहर ले जाया गया। उस वक्त पंत 37 रन बनाकर खेल रहे थे। साई सुदर्शन के साथ मिलकर चौथे विकेट के लिए 72 रनों की अहम साझेदारी कर चुके थे।
लंगड़ाते हुए उतरे पंत
दूसरे दिन ऋषभ पंत लंगड़ाते हुए बल्लेबाजी के लिए मैदान पर उतरे, लेकिन उनके इरादों में कोई कमी नहीं दिखी। उन्होंने 75 गेंदों में 54 रनों की जुझारू पारी खेली, जिसमें 2 शानदार छक्के शामिल थे। इस पारी की बदौलत भारत का स्कोर 350 के पार पहुंचा। साथ ही पंत ने टेस्ट क्रिकेट में अपने 90 छक्के पूरे किए और वीरेंद्र सहवाग के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। उन्होंने इस मामले में रोहित शर्मा (88 छक्के) को पीछे छोड़ दिया है, जो अब भारत के लिए टेस्ट में तीसरे सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले बल्लेबाज हैं।
सीरीज में चमके उपकप्तान पंत
इस टेस्ट सीरीज में ऋषभ पंत का प्रदर्शन बेहतरीन रहा। उन्होंने 4 टेस्ट मैचों की 7 पारियों में 68.42 की औसत और 77.63 की स्ट्राइक रेट से कुल 479 रन बनाए। इस दौरान उनके बल्ले से 2 शतक और 3 अर्धशतक निकले। पंत सीरीज में अब तक सबसे ज्यादा रन बनाने वाले तीसरे बल्लेबाज हैं। उन्होंने भारत की कई मुश्किल पारियों में अहम योगदान दिया है।