MP की बेटियों ने हरियाणा से लिया बदला, महिला हॉकी में जीता ब्रॉन्ज मेडल
Khelo India Youth Games 2025: बिहार में आयोजित खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2025 में मध्यप्रदेश की बेटियों ने महिला हॉकी मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए 13 मई को हरियाणा को हराकर तीसरा स्थान हासिल किया। पिछले साल चेन्नई में हुए फाइनल मुकाबले में एमपी को हरियाणा से हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन इस बार उन्होंने बदला लेते हुए ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया।
हालांकि नौवें दिन तक कोई स्वर्ण पदक नहीं जीतने के बाद मध्य प्रदेश की ओवरऑल रैंकिंग में गिरावट आई है। वह चौथे स्थान से छठे स्थान पर खिसक गया, जबकि हरियाणा और तमिलनाडु ने आगे बढ़कर उसकी जगह ले ली।
कई खेलों में चमके खिलाड़ी
खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2025 के नौवें दिन मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों ने चार कांस्य पदक जीतकर राज्य का गौरव बढ़ाया। वेटलिफ्टिंग, योगासन और एथलेटिक्स जैसे अलग-अलग खेलों में शानदार प्रदर्शन देखने को मिला।
वेटलिफ्टिंग में कांस्य : पुरुष 73 किग्रा वर्ग में हिमांशु कुशवाह ने स्नैच में 115 किग्रा और क्लीन एंड जर्क में 140 किग्रा सहित कुल 255 किलोग्राम वजन उठाकर कांस्य पदक अपने नाम किया।
योगासन में कांस्य : रिया ने ट्रेडिशनल योगासन इवेंट में 60.58 अंक हासिल कर कांस्य पदक जीता।
पोल वॉल्ट में कांस्य : आशीष कुमार यादव ने एथलेटिक्स (पोल वॉल्ट) में 4.10 मीटर की छलांग लगाकर कांस्य पदक हासिल किया।
3000 मीटर में कांस्य: महिला वर्ग की 3000 मीटर दौड़ में श्रृष्टि ने 10:29.50 समय के साथ तीसरा स्थान प्राप्त किया।
हरियाणा को दी करारी शिकस्त
खिताबी रेस से बाहर होने के बाद मध्यप्रदेश की महिला हॉकी टीम ने हार्डलाइन मुकाबले में जबरदस्त वापसी की और हरियाणा को 3-0 से शिकस्त देकर कांस्य पदक अपने नाम किया। मैच में स्नेहा ने 13वें मिनट में पहला गोल कर टीम को शुरुआती बढ़त दिलाई।
इसके बाद कृषणा ने 40वें और 49वें मिनट में दो शानदार फील्ड गोल कर जीत पक्की कर दी। टीम के साथ कोच वंदना, देवकीनंदन और फीजियो दीक्षा स्पोर्टिंग स्टाफ के रूप में मौजूद रहे।
क्वालिफिकेशन में हुई चूक
खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2025 में मध्यप्रदेश की मेंस हॉकी टीम हिस्सा नहीं ले सकी, क्योंकि टीम क्वालीफाई करने में असफल रही। नेशनल हॉकी चैंपियनशिप में एमपी की पुरुष टीम 8वें स्थान पर रही थी, जबकि खेलों में सिर्फ टॉप-7 टीमों को ही एंट्री मिलती है।
इसके अलावा एक टीम को मेजबान राज्य के तौर पर सीधा प्रवेश मिलता है, जो इस बार बिहार को मिला। इसी कारण एमपी की पुरुष टीम को टूर्नामेंट से बाहर होना पड़ा।