आईपीएल में इम्पैक्ट प्लेयर नियम पर बहस तेज है। शुभ

IPL में क्या है 'इम्पैक्ट प्लेयर' रूल?, कैसे बदल रहा खेल; खिलाड़ियों ने उठाए सवाल

IPL impact Player Rules

आईपीएल के नए सीजन की शुरुआत से पहले ही एक नियम ने पूरे क्रिकेट जगत में बहस छेड़ दी है। वह नियम है ‘इम्पैक्ट प्लेयर’। कुछ इसे खेल में नया रोमांच मान रहे हैं। वहीं, कई खिलाड़ी इसे क्रिकेट के मूल ढांचे के खिलाफ बता रहे हैं। इंडियन प्रीमियर लीग के इस नियम पर सबसे खुलकर आवाज उठाई है शुभमन गिल ने। 

दरअसल, गुजरात टाइटन्स के कप्तान गिल का मानना है कि यह नियम खेल के संतुलन और खिलाड़ियों की असली परीक्षा को कमजोर कर रहा है।

क्या बोले शुभमन गिल

प्रेस कॉन्फ्रेंस में गिल ने बिना झिझक अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि क्रिकेट हमेशा से 11 खिलाड़ियों का खेल रहा है। लेकिन ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ इसे बदल रहा है। उनके मुताबिक, आजकल की फ्लैट पिचों और छोटे मैदानों पर एक अतिरिक्त बल्लेबाज़ मिल जाता है। यह बल्लेबाजी को और आसान बना देता है। लेकिन ऐसे में स्किल की अहमियत कम हो जाती है। साथ ही मैच का संतुलन भी बिगड़ता है।

गिल का कहना है कि असली क्रिकेट वही है, जहां सीमित संसाधनों में टीम को संघर्ष करना पड़े। अगर शुरुआती विकेट गिर जाएं, तब टीम को संभालना ही असली टेस्ट होता है।

रन बनाना आसान चेज करना मुश्किल

गिल ने एक दिलचस्प तुलना भी दी। उन्होंने कहा कि फ्लैट पिच पर 220 रन बनाना उतना चुनौतीपूर्ण नहीं होता, जितना मुश्किल होता है कठिन पिच पर 160-180 रन का पीछा करना। यही असली रोमांच है, जहां खिलाड़ी की तकनीक और मानसिक मजबूती सामने आती है। लेकिन ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ रूल इस संतुलन को थोड़ा आसान बना देता है।

कप्तानों की मीटिंग में भी उठा मुद्दा

सिर्फ गिल ही नहीं, कई अन्य टीमों के कप्तानों ने भी इस नियम को लेकर अपनी चिंताएं जताई हैं। हाल ही में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के साथ हुई बैठक में इस पर खुलकर चर्चा हुई। हालांकि, बोर्ड ने फिलहाल साफ कर दिया है कि यह नियम 2027 तक जारी रहेगा। यानी अगले कुछ सीजन में टीमों को इसी के हिसाब से अपनी रणनीति बनानी होगी।

क्या है BCCI का नजरिया

बोर्ड का मानना है कि ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ नियम से मैच ज्यादा हाई-स्कोरिंग और रोमांचक बनते हैं, जिससे दर्शकों का जुड़ाव बढ़ता है। खुद गिल ने भी माना कि दर्शकों के लिहाज से यह नियम मनोरंजन बढ़ाता है। लेकिन व्यक्तिगत तौर पर उन्हें यह पसंद नहीं है।

आसान भाषा में समझिए क्या है ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ नियम  

इस नियम के तहत हर टीम अपनी प्लेइंग इलेवन के अलावा 5 सब्स्टीट्यूट खिलाड़ियों के नाम देती है। मैच के दौरान इन 5 में से किसी एक खिलाड़ी को ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ के तौर पर उतारा जा सकता है। यह खिलाड़ी बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों कर सकता है। उसे पूरी तरह नियमित खिलाड़ी की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है। लेकिन जिस खिलाड़ी की जगह वह आता है, वह पूरे मैच से बाहर हो जाता है। यानी टीम को एक तरह से मैच के बीच में अपनी रणनीति बदलने का मौका मिल जाता है।

आगे भी जारी रहेगी बहस

‘इम्पैक्ट प्लेयर’ नियम ने आईपीएल में रणनीति का एक नया पहलू जरूर जोड़ा है। लेकिन इसके साथ ही यह सवाल भी खड़ा कर दिया है कि क्या इससे क्रिकेट की मूल भावना प्रभावित हो रही है। आने वाले समय में यह बहस और तेज हो सकती है। खासकर अगर खिलाड़ी खुलकर अपनी राय रखते रहे तो।