आईपीएल 2026 में लगातार दूसरे साल चेन्नई सुपर किंग्

IPL 2026: धोनी की कमी, चोट और फ्लॉप स्टार्स... आखिर क्यों टूटा CSK का प्लेऑफ सपना?

पांच बार की चैंपियन Chennai Super Kings के लिए आईपीएल 2026 किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा। टीम लगातार दूसरे साल प्लेऑफ में जगह बनाने में नाकाम रही और लीग स्टेज में ही उसका सफर खत्म हो गया। 14 मैचों में सिर्फ छह जीत के साथ सीएसके का अभियान उम्मीदों से काफी नीचे रहा। सीजन शुरू होने से पहले फैंस को भरोसा था कि चेन्नई एक बार फिर वापसी करेगी, लेकिन मैदान पर तस्वीर बिल्कुल अलग नजर आई। कभी बल्लेबाजी फेल हुई तो कभी गेंदबाजी। ऊपर से चोटों ने टीम की कमर ही तोड़ दी। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर पांच बार की विजेता टीम का इतना बुरा हाल क्यों हुआ?

धोनी की गैरमौजूदगी सबसे भारी पड़ी

MS Dhoni का नाम सिर्फ सीएसके के लिए नहीं, बल्कि पूरे आईपीएल के लिए एक भावना जैसा है। इस बार चोट की वजह से धोनी पूरा सीजन नहीं खेल सके और इसका असर टीम पर साफ दिखाई दिया। विकेट के पीछे से मैच को पढ़ने की उनकी क्षमता हमेशा चेन्नई की सबसे बड़ी ताकत रही है। मुश्किल हालात में खिलाड़ियों को संभालना और दबाव में शांत रहना, यही धोनी की पहचान रही है। लेकिन इस सीजन कई मौकों पर कप्तान Ruturaj Gaikwad दबाव में नजर आए। फिलहाल फैंस के बीच यही चर्चा है कि क्या धोनी के बिना CSK अब वैसी टीम नहीं रह गई, जैसी पहले हुआ करती थी?

चोटों ने पूरी टीम का संतुलन बिगाड़ दिया

सीएसके के लिए सबसे बड़ा झटका खिलाड़ियों की लगातार इंजरी रही। तेज गेंदबाज Nathan Ellis पूरे टूर्नामेंट से बाहर हो गए। वहीं युवा बल्लेबाज आयुष म्हात्रे शानदार फॉर्म में थे, लेकिन चोट ने उनका सफर रोक दिया। Khaleel Ahmed भी सिर्फ पांच मैचों के बाद बाहर हो गए। ऑलराउंडर Jamie Overton बल्ले और गेंद दोनों से योगदान दे रहे थे, लेकिन अहम समय पर उनकी चोट टीम के लिए बड़ा नुकसान साबित हुई। दरअसल, लगातार बदलावों की वजह से टीम सही कॉम्बिनेशन ही नहीं बना पाई। यही कारण रहा कि चेन्नई पूरे सीजन लय हासिल नहीं कर सकी।

युवा खिलाड़ियों ने उम्मीद तोड़ी

आईपीएल 2026 मेगा ऑक्शन में चेन्नई ने कई युवा खिलाड़ियों पर बड़ा दांव लगाया था। लेकिन ज्यादातर खिलाड़ी उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे। कार्तिक शर्मा, प्रशांत वीर और उर्विल पटेल जैसे खिलाड़ियों से टीम को बड़ी उम्मीदें थीं, लेकिन प्रदर्शन निराशाजनक रहा। खासकर मिडिल ऑर्डर कई मैचों में पूरी तरह बिखरा नजर आया। यही नहीं, दक्षिण अफ्रीका के युवा बल्लेबाज Dewald Brevis भी पूरे सीजन संघर्ष कर रहे। उन्होंने 11 मैचों में सिर्फ 151 रन बनाए और एक भी अर्धशतक नहीं लगा सके।

गेंदबाजी बनी सबसे कमजोर कड़ी

सीएसके की गेंदबाजी इस सीजन लगातार सवालों के घेरे में रही। अनुभवी गेंदबाजों की कमी टीम को हर मैच में महसूस हुई। खलील अहमद के बाहर होने के बाद तेज गेंदबाजी और कमजोर हो गई। अंशुल कंबोज ने शुरुआत में प्रभावित जरूर किया, लेकिन बड़े मैचों में महंगे साबित हुए। वहीं स्पेंसर जॉनसन और गुरजपनीत सिंह भी निरंतरता नहीं दिखा सके। स्पिन विभाग में Noor Ahmad से उम्मीद थी कि वह मैच जिताएंगे, लेकिन वह भी लगातार असर छोड़ने में नाकाम रहे।

अब CSK के सामने सबसे बड़ा सवाल क्या?

लगातार दूसरे सीजन प्लेऑफ से बाहर होने के बाद अब चेन्नई सुपर किंग्स के सामने कई बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। क्या टीम को बड़े बदलाव की जरूरत है? क्या युवा खिलाड़ियों पर भरोसा जारी रहेगा? और सबसे बड़ा सवाल क्या धोनी अगले सीजन किसी नई भूमिका में दिखेंगे?