आयरलैंड के खिलाफ पहली बार टी20 सीरीज हारने वाली भा

इंडिया पर आयरलैंड ने ऐसा दबाव कैसे बनाया कि 16 सीरीज की बादशाहत भी टूट गई? जानें हार की वजहें

India Lost T20 Series Against Ireland

गौतम गंभीर की कोचिंग और श्रेयर अय्यर की कप्तानी वाली टीम इंडिया को बड़ा झटका लगा है। टीम को आयरलैंड के खिलाफ पहली बार टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज में हार का सामना करना पड़ा। बेलफास्ट में खेले गए दूसरे मुकाबले में एक रन से मिली हार के साथ भारत दो मैचों की सीरीज 0-2 से गंवा बैठा। इसके साथ ही लगातार 16 बाइलेटरल टी20 सीरीज में अजेय रहने का सिलसिला भी यहीं टूट गया। साथ ही गौतम गंभीर की कोचिंग में यह पहली ऐसी सीरीज बनी जिसमें भारत को आयरलैंड के सामने झुकना पड़ा।

यह हार सिर्फ स्कोरलाइन तक सीमित नहीं रही। बल्लेबाजी, टीम चयन और रणनीतिक फैसलों में कई ऐसी कमियां दिखीं जिन्होंने पूरे दौरे का रुख बदल दिया। दो मुकाबलों में सामने आई इन्हीं बड़ी वजहों ने भारतीय टीम की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।

टॉप ऑर्डर ने शुरुआत में ही बढ़ाई मुश्किल

भारत के शीर्ष क्रम से बड़ी पारियों की उम्मीद थी। लेकिन बल्लेबाज लगातार दबाव में दिखे। संजू सैमसन पहले मैच में 5 रन और दूसरे मुकाबले में बिना खाता खोले लौटे। अभिषेक शर्मा ने पहले मैच में 49 रन बनाए। लेकिन दूसरे मुकाबले में शून्य पर आउट हो गए। ईशान किशन भी दोनों मैच मिलाकर सिर्फ 13 रन ही जोड़ सके। शुरुआती विकेट जल्दी गिरने से टीम हर बार दबाव में आ गई।

कप्तान अय्यर बल्ले से नहीं निभा सके जिम्मेदारी

श्रेयस अय्यर पहली बार टी20 सीरीज में कप्तानी कर रहे थे। इसलिए उनसे इस टूर्नामेंट में बड़ी पारी की उम्मीद थी। हालांकि दोनों मुकाबलों में उनका बल्ला शांत रहा। अय्यर सिर्फ 13 रन बना सके। जब शीर्ष क्रम लड़खड़ा तो कप्तान की जिम्मेदारी और बढ़ गई थी। लेकिन वह टीम को संभालने में सफल नहीं रहे।

मध्यक्रम ने नहीं दी मजबूत साझेदारी

भारत का मिडिल ऑर्डर भी उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा। हार्दिक पांड्या की अनुपस्थिति साफ महसूस हुई। अक्षर पटेल, शिवम दुबे और अन्य बल्लेबाज प्रभाव नहीं छोड़ सके। दूसरे टी20 में तिलक वर्मा ने अर्धशतक जरूर लगाया, लेकिन उनका स्ट्राइक रेट 119 रहा, जिससे रन गति को वह धार नहीं मिल सकी जिसकी टीम को जरूरत थी।

टीम कॉम्बिनेशन पर उठे सवाल

दोनों मुकाबलों में टीम संयोजन चर्चा का विषय बना रहा। पहले मैच में आयरलैंड की परिस्थितियों के बावजूद दो स्पिनरों के साथ उतरने का फैसला कारगर साबित नहीं हुआ। वॉशिंगटन सुंदर ने सिर्फ एक ओवर फेंका और उसमें 19 रन खर्च कर दिए। वहीं, प्रसिद्ध कृष्णा चार ओवर में बिना विकेट लिए 57 रन देकर महंगे साबित हुए। इन फैसलों का असर मैच के नतीजों पर भी दिखा।

वैभव सूर्यवंशी को मौका नहीं मिला

पहले मुकाबले में बल्लेबाजी के संघर्ष के बावजूद टीम प्रबंधन ने दूसरे मैच में 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को अंतिम एकादश में शामिल नहीं किया। भारत ए के लिए हालिया ट्राई सीरीज में उनका प्रदर्शन प्रभावशाली रहा था। ऐसे में युवा बल्लेबाज को मौका नहीं देने के फैसले पर भी सवाल उठे, क्योंकि टीम को आक्रामक बल्लेबाजी की जरूरत महसूस हो रही थी।