ICC के नए नियम से बदल सकता है वनडे क्रिकेट का खेल, गेंदबाजों को मिल सकता है बड़ा फायदा...
ICC's new rule: वनडे क्रिकेट में बल्लेबाजी के लगातार बढ़ते दबदबे को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ICC दो नई गेंदों के नियम को खत्म करने पर विचार कर रही है, ताकि गेंदबाजों को राहत मिल सके।
क्रिकेट समिति की सिफारिश के मुताबिक, मैच की शुरुआत दो नई गेंदों से होगी, लेकिन 25 ओवर पूरे होने के बाद गेंदबाजी करने वाली टीम को इनमें से एक गेंद चुननी होगी, जिससे बाकी के ओवर फेंके जाएंगे। यह प्रस्तावित बदलाव बल्लेबाजों की आसानी को कम करने और गेंदबाजों को ज्यादा मदद देने के मकसद से लाया जा सकता है।
🚨 A BIG CHANGE IS COMING IN ODIs 🚨- Recommendation from the ICC committee is that teams can start with 2 new balls but after 25 over mark, only one ball can be used, the bowling side can choose which ball they want to use to have the prospect of Reverse Swing. [Cricbuzz] pic.twitter.com/uHL9S5wJpE
— Johns. (@CricCrazyJohns) April 11, 2025
बल्लेबाजों के लिए बढ़ेगी टेंशन
अगर आईसीसी वनडे क्रिकेट में दो नई गेंदों की जगह एक गेंद का नियम लागू करता है तो इसका सबसे बड़ा असर बल्लेबाजों पर पड़ सकता है। 25 ओवर के बाद गेंद पुरानी हो जाएगी और गेंदबाजों के लिए उसे रिवर्स स्विंग करना आसान हो जाएगा। ऐसे में डेथ ओवरों में बल्लेबाजों के लिए बड़े शॉट लगाना मुश्किल हो सकता है। इस बदलाव से जहां गेंदबाजों को बराबर का मौका मिलेगा। वहीं खेल का संतुलन भी बेहतर हो सकता है।
हालांकि रिवर्स स्विंग को प्रभावी बनाने में लार की भी अहम भूमिका होती है। आईपीएल में जहां गेंद पर लार लगाने की इजाजत दे दी गई है। वहीं आईसीसी ने अब तक इस रोक को बरकरार रखा है। अब देखना दिलचस्प होगा कि आईसीसी के नए अध्यक्ष जय शाह इस पर क्या रुख अपनाते हैं।
दिग्गजों ने दो नई गेंदों के नियम को बताया नुकसानदायक
वनडे क्रिकेट में दो नई गेंदों के नियम को लेकर लंबे समय से आलोचना हो रही है। बता दें कई क्रिकेट दिग्गज इसे खेल के संतुलन के खिलाफ मानते हैं। सचिन तेंदुलकर ने तो इसे साफ तौर पर "आपदा की रेसिपी" करार दिया था। उनका तर्क था कि जब गेंद रिवर्स स्विंग के लिए पर्याप्त पुरानी ही नहीं हो पाती तो डेथ ओवर्स में गेंदबाजों के हथियार सीमित हो जाते हैं। उनके मुताबिक इस नियम ने खेल को पूरी तरह बल्लेबाजों के पक्ष में झुका दिया है। ब्रेट ली जैसे तेज़ गेंदबाज भी सचिन की इस राय से सहमत हैं।
वहीं सौरव गांगुली की अगुवाई में बनी क्रिकेट समिति ने इस मसले पर गंभीर मंथन कर अपनी सिफारिशें तैयार कर ली हैं। पहले जहां सफेद गेंद 35 ओवर के बाद रंगहीन होकर बदलनी पड़ती थी। बता दें प्रस्तावित बदलाव के तहत अब एक ही गेंद को 50 ओवर तक इस्तेमाल में लाया जा सकता है। ऐसे में यह गेंद अधिकतम 37-38 ओवर पुरानी होगी जो रिवर्स स्विंग के लिए पर्याप्त मानी जाती है।
इस सिफारिश पर अब जिम्बाब्वे में चल रही ICC की बैठकों में चर्चा की जाएगी जिसके बाद फैसला संभव है।