ICC के बड़े फैसले, टेस्ट क्रिकेट में पिंक बॉल ट्रायल और महिला क्रिकेट को नया ग्लोबल प्लेटफॉर्म
अहमदाबाद में हुई ICC की बैठक क्रिकेट के भविष्य को नई दिशा देने वाली साबित हुई। इस बैठक में टेस्ट क्रिकेट से लेकर महिला क्रिकेट और एसोसिएट देशों तक कई बड़े फैसले लिए गए। सबसे ज्यादा चर्चा टेस्ट क्रिकेट में पिंक बॉल ट्रायल और महिला क्रिकेट के वैश्विक विस्तार को लेकर रही। इन फैसलों का असर आने वाले वर्षों में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की संरचना पर साफ नजर आने की उम्मीद है।
टेस्ट क्रिकेट में पिंक बॉल का नया प्रयोग
ICC ने खराब रोशनी में मैच बाधित होने की समस्या को देखते हुए पिंक बॉल टेस्ट का ट्रायल मंजूर किया है। दोनों टीमों की सहमति पर अब टेस्ट मैचों में गुलाबी गेंद का इस्तेमाल किया जा सकेगा, जिससे खेल रुकने की स्थिति कम हो सकती है। साथ ही MCC के साथ मिलकर नई लाइटिंग टेक्नोलॉजी पर भी रिसर्च का फैसला लिया गया है ताकि अंपायर्स को बेहतर विजिबिलिटी मिल सके।
T20 और टेक्नोलॉजी आधारित फैसले
T20 क्रिकेट में कोच और सपोर्ट स्टाफ को ब्रेक के दौरान खिलाड़ियों से सीधे बातचीत की अनुमति दी गई है। इसके अलावा संदिग्ध गेंदबाजी एक्शन की जांच में अब हॉक-आई डेटा का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे फैसले अधिक तकनीकी और सटीक होंगे।
महिला क्रिकेट के लिए बड़ा विस्तार
ICC ने महिला क्रिकेट को मजबूत करने के लिए कई अहम कदम उठाए हैं। विमेंस चैंपियंस ट्रॉफी 2027 की विंडो बदलकर फरवरी में शिफ्ट कर दी गई है। साथ ही 10 टीमों की नई इमर्जिंग नेशन्स ट्रॉफी भी लॉन्च की जाएगी, जिसमें फुल मेंबर और एसोसिएट देश शामिल होंगे। विमेंस टी20 वर्ल्ड कप 2028 के लिए भी नया क्वालिफिकेशन सिस्टम मंजूर किया गया है।
एसोसिएट देशों को मिलेगा बड़ा मंच
एसोसिएट देशों के लिए अब 16 टीमों का अलग ग्लोबल क्वालिफायर आयोजित किया जाएगा। इससे छोटे क्रिकेटिंग देशों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ज्यादा मौके मिलेंगे और खेल का दायरा और बढ़ेगा।
क्रिकेट कनाडा की सदस्यता सस्पेंड
बैठक में सबसे सख्त फैसला क्रिकेट कनाडा को लेकर लिया गया, जहां प्रशासनिक गड़बड़ियों के चलते सदस्यता तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दी गई।हालांकि ICC ने स्पष्ट किया है कि कनाडा की टीमों को अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में खेलने और फंडिंग का लाभ मिलता रहेगा, लेकिन सुधार शर्तों के तहत होगा।