2027 ODI World Cup का पूरा खेल बदला, अब Super-7 और नई Super Series से तय होगी राह
आईसीसी का साल 2027 में होने वाला वर्ल्ड कप पुराने खेले गए विश्व कप से बिल्कुल अलग अंदाज में खेला जाएगा। ICC ने टूर्नामेंट के फॉर्मेट में ऐसे बदलाव किए हैं, जिनसे शुरुआती मुकाबलों से लेकर सेमीफाइनल तक हर मैच की अहमियत बढ़ जाएगी। इस बार 10 की जगह 14 टीमें हिस्सा लेंगी, लेकिन सभी टीमों को सीधे मुख्य ग्रुप चरण में जगह नहीं मिलेगी। वहीं 2028 T20 World Cup में भी Super-8 की जगह Super-10 और IPL जैसी Eliminator प्रणाली लागू करने का फैसला लिया गया है।
ICC का कहना है कि नए फॉर्मेट का मकसद टूर्नामेंट को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाना और शुरुआती मुकाबलों को भी निर्णायक महत्व देना है। अंतिम कार्यक्रम और अन्य तकनीकी पहलुओं पर सितंबर में होने वाली बैठक में मुहर लगाई जाएगी।
ODI World Cup में पहली बार होगी Super Series
नए फॉर्मेट के तहत ICC रैंकिंग में सबसे नीचे रहने वाली तीन टीमें पहले Super Series खेलेंगी। तीनों टीमें आपस में मुकाबला करेंगी और इनमें से केवल एक टीम मुख्य प्रतियोगिता में जगह बना पाएगी। बाकी दो टीमें शुरुआती चरण में ही बाहर हो जाएंगी। इसके बाद 12 टीमों का मुख्य ग्रुप चरण शुरू होगा, जिन्हें छह-छह टीमों के दो समूहों में बांटा जाएगा।
Super-7 से बदलेगी सेमीफाइनल की तस्वीर
ग्रुप चरण के बाद दोनों समूहों की शीर्ष तीन-तीन टीमें सीधे Super-7 में पहुंचेंगी। इसके अलावा दोनों ग्रुप में चौथे स्थान पर रहने वाली टीमों में बेहतर प्रदर्शन करने वाली एक टीम भी इस दौर में जगह बनाएगी। सातों टीमें राउंड-रॉबिन फॉर्मेट में मुकाबले खेलेंगी और अंक तालिका में शीर्ष चार टीमों को सेमीफाइनल का टिकट मिलेगा। यह व्यवस्था पहले के मुकाबले सेमीफाइनल की दौड़ को ज्यादा लंबा और रोमांचक बनाएगी।
ICC ने बदलाव की वजह भी बताई
ICC के मुताबिक पहले टूर्नामेंट के शुरुआती कई मुकाबले औपचारिक साबित होते थे, जिससे प्रतिस्पर्धा और दर्शकों की दिलचस्पी दोनों प्रभावित होती थीं। नए फॉर्मेट में हर मैच का असर अगले चरण पर पड़ेगा। बोर्ड का मानना है कि इससे कमजोर टीमों को शुरुआत से ही बेहतर प्रदर्शन करना होगा और मजबूत टीमों पर भी लगातार दबाव बना रहेगा।
2028 T20 World Cup में IPL जैसा Eliminator
ICC ने 2028 T20 World Cup के प्रारूप में भी बड़ा बदलाव किया है। अब Super-8 की जगह Super-10 चरण होगा। पहले दौर में 20 टीमों को चार के बजाय पांच समूहों में बांटा जाएगा और हर ग्रुप से दो-दो टीमें अगले चरण में पहुंचेंगी। Super-10 के बाद दोनों ग्रुप की शीर्ष टीम सीधे सेमीफाइनल में जाएगी, जबकि दूसरे और तीसरे स्थान पर रहने वाली टीमें IPL की तर्ज पर Eliminator मुकाबले खेलेंगी। इन मैचों के विजेता बाकी दो सेमीफाइनलिस्ट बनेंगे।
किसे फायदा और किसे नुकसान
नए फॉर्मेट से मजबूत टीमों को अधिक प्रतिस्पर्धी मुकाबले मिलेंगे और टूर्नामेंट का रोमांच अंतिम चरण तक बना रहेगा। दूसरी ओर निचली रैंकिंग वाली टीमों के लिए चुनौती बढ़ जाएगी क्योंकि उनमें से दो टीमें मुख्य ग्रुप चरण तक पहुंचे बिना ही बाहर हो सकती हैं। साथ ही नया ढांचा पहले की तुलना में अधिक जटिल होगा, जिसे समझने में दर्शकों को कुछ समय लग सकता है।