MP 12वीं बोर्ड परीक्षा के पहले दिन 7 चीटिंग केस, केंद्र दूरी और घड़ी बना तनाव
भोपाल। मध्य प्रदेश में 12वीं बोर्ड परीक्षाएं मंगलवार से शुरू हो गई हैं। पहले दिन अंग्रेजी का पेपर हुआ। इसमें भोपाल जिले में 7 नकल प्रकरण बने। पहले दिन भोपाल जिले में 25086 बच्चे परीक्षा में शामिल हुए। वहीं, 434 बच्चे अनुपस्थित रहे। परीक्षा के दौरान नकल रोकने के लिए केंद्रों पर फ्लाइंग स्वायॅड, सीसीटीवी निगरानी और थानों से प्रश्न-पत्र निकालने तक वीडियोग्राफी की गई है। वहीं, अग्रेजी का पेपर सरल आने से बच्चों के चेहरे खिले दिखे। मिली जानकारी के अनुसार, पहले दिन अग्रेजी का पेपर हुआ। इसमें 7 नकल प्रकरण दर्ज किया गया। बैरसिया रोड स्थित ब्लू गार्ड स्कूल के परीक्षा केंद्र पर छह परीक्षार्थी नकल करते प्रकरण बनाए गए। इसके अलावा घर्मरा गांव में एक प्रकरण दर्ज हुआ। परीक्षाएं सुबह 9 से 12 बजे तक होंगी।
अनुपस्थित बच्चों फिर से मिलेगा मौका
भोपाल के 104 केंद्रो पर लगभग 25466 बच्चे इस परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। हालांकि 434 बच्चों ने किसी कारणवश परीक्षा नहीं दे सके। ऐसे बच्चों को दोबारा होने वाली परीक्षा में मौका दिया जाएगा। अब 13 फरवरी से कक्षा 10 की परीक्षाएं शुरू होने जा रही है। इसके लिए विभाग ने तैयारी कर ली है। बता दें कि प्रदेश भर में 16 लाख से ज्यादा छात्र इन दोनों परीक्षाओं में शामिल हो रहे हैं।
परीक्षा केंद्र दूर होने की शिकायत
अभिभावकों ने परीक्षा केंद्र को लेकर शिकायत की है। इनका कहना है कि बोर्ड ने बच्चों को जो केंद्र दिए हैं, वे 3 से 8 किमी की दूरी पर है। इससे बच्चे केंद्र पर पहुंचने से पहले मानसिक तनाव में आ गए हैं। नारियल खेड़ा की निवासी छात्रा प्रिया रावत का केंद्र प्रभात चौराहा अशोका गार्डन के पास एवीएम स्कूल में दे दिया। इससे छात्रा अपने नारियलखेड़ा से परिजनों के साथ आज सुबह 6.30 बजे घर से निकलकर 7.30 बजे ऑटो में परीक्षा केंद्र पर पहुंची। जहां एक घंटे इंतजार के बाद केंद्र में 8.30 बजे प्रवेश हुई। प्रिया ने बताया कि अग्रेजी का पेपर सरल आया और अच्छा लिखा है। इस स्कूल में कई दुरस्त सरकारी और निजी स्कूलों के बच्चे परीक्षा देने आएं थे।
परीक्षा कक्षों में घड़ी नहीं होने से तनाव में छात्र
इस बार माशिमं ने परीक्षा केंद्रों पर नकल रोकने के लिए इस हद तक सख्ती कर दी कि छात्र समय को लेकर परेशान हुए। दरअसल कई परीक्षा केंद्रों में कक्ष के भीतर घड़ी नहीं होने से छात्रों को समय का पता नहीं लग पाया। स्कूल वाले भी हरेक घंटे में घंटा बजाते रहे। इससे समय का अंदाजा लगाना मुश्किल हो गया। इससे कुछ छात्रों ने बताया कि डिवाइस, मोबाइल प्रतिबंधित है, तो हर परीक्षा कक्ष में घड़ी की व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि समय देखते हुए प्रश्नपत्रों का हल कर सकें।
केंद्र पर ऐसी रही सख्ती
- परीक्षा केंद्रों पर भारी सख्ती दिखी। छात्र- छात्राओं को केवल प्रवेश पत्र, पेन, पेसिंल, रबर लेकर आने की अनुमति दी गई। - केंद्र पर ठीक 8.30 बजे के बाद किसी भी परीक्षार्थी को आने नहीं दिया गया। इसलिए अभिभावक भी बच्चों को लेकर समय से पहले पहुंच गए। - केंद्र में जो मुस्लिम छात्राएं आई, वे हिजाब पहनकर आई थी। केंद्र में प्रवेश करते समय हिजाब उतरवा लिया गया। - परीक्षार्थियों ने बताया कि केंद्रों के भीतर पेयजल, शौचालय आदि की बेहतर व्यवस्था थी। उत्तर पुस्तिकाओं और प्रश्नपत्रों का वितरण बोर्ड के निर्धारित समय सारिणी के अनुसार हुई।
क्या बोले जिला शिक्षा अधिकारी
जिला शिक्षा अधिकारी नीरज अहिरवार ने बताया कि माध्यमिक शिक्षा मंडल की कक्षा 10-12 वीं की परीक्षाएं मंगलवार से शुरू हो गई है। स्कूल शिक्षा विभाग ने नकल रोकने और परीक्षा में मानिटरिगं करने के लिए जिला स्तर पर टीमें बनाई है। केंद्रों पर बच्चों को परीक्षा में किसी तरह की असुविधा ना हो, इसका ध्यान रखने के निर्देश दिए हैं। परीक्षा की पूरी प्रक्रिया पर मंडल ने सीसीटीवी से नजर रख रहा है। इसके लिए मंडल में राज्य स्तर पर कंट्रोल रूम रखा गया है।