शापूर जादरान के निधन से टूटा क्रिकेट जगत, 39वें जन्मदिन से पहले बुझ गया अफगान क्रिकेट का सितारा
अफगानिस्तान क्रिकेट के शुरुआती दौर के सबसे यादगार चेहरों में शामिल शापूर जादरान अब नहीं रहे। 39वें जन्मदिन से ठीक एक दिन पहले जिंदगी की जंग हारने वाले इस तेज गेंदबाज के निधन की खबर से क्रिकेट जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।
शापूर जादरान ने उस दौर में अफगानिस्तान क्रिकेट को पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई जब टीम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी जगह बनाने के लिए संघर्ष कर रही थी। मैदान पर उनके जुनून और जुझारूपन ने उन्हें अफगान क्रिकेट के सबसे खास खिलाड़ियों में शामिल कर दिया था।
गंभीर बीमारी से लड़ते हुए ली अंतिम सांस
अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने मंगलवार को शापूर जादरान के निधन की जानकारी साझा की। बाएं हाथ के तेज गेंदबाज लंबे समय से हेमोफैगोसाइटिक लिम्फोहिस्टियोसाइटोसिस (HLH) नाम की दुर्लभ और गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। जनवरी से नई दिल्ली के एक अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। परिवार के अनुसार संक्रमण के कारण उनकी हालत लगातार बिगड़ती गई। संक्रमण शरीर के कई हिस्सों तक फैल गया था और इलाज के दौरान उन्हें ICU में भी रखा गया। कुछ समय के लिए उनकी स्थिति में सुधार हुआ था, लेकिन बाद में बीमारी ने दोबारा गंभीर रूप ले लिया।
إِنَّا لِلّهِ وَإِنَّـا إِلَيْهِ رَاجِعُونَWith profound grief and deep sorrow, the Afghanistan Cricket Board mourns the passing of former Afghanistan fast bowler Shapoor Zadran.Shapoor Zadran was one of the foundation-laying figures of Afghanistan cricket, whose dedication,… pic.twitter.com/iPIAJ6HLkq
2015 वर्ल्ड कप की जीत में अहम योगदान
शापूर जादरान का नाम अफगानिस्तान क्रिकेट के इतिहास में हमेशा खास रहेगा। 2015 वनडे वर्ल्ड कप में उन्होंने टीम को पहली ऐतिहासिक जीत दिलाने में अहम योगदान दिया था। स्कॉटलैंड के खिलाफ डुनेडिन में खेले गए मुकाबले में उन्होंने विजयी रन बनाकर अफगानिस्तान को वर्ल्ड कप इतिहास की पहली जीत दिलाई थी। उस जीत के बाद मैदान पर उनका जश्न क्रिकेट फैन्स के लिए यादगार बन गया था। लंबे बाल, तेज गेंदबाजी और आक्रामक अंदाज के कारण शापूर ने अपनी अलग पहचान बनाई थी।
ACB ने बताया क्रिकेट का मजबूत स्तंभ
अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने शापूर जादरान को देश के क्रिकेट विकास की नींव रखने वाली हस्तियों में शामिल बताया। बोर्ड ने कहा कि उनके समर्पण और खेल के प्रति प्रतिबद्धता ने अफगानिस्तान क्रिकेट को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके निधन पर क्रिकेट समुदाय ने भी दुख जताया। कई क्रिकेट फैन्स और खिलाड़ियों ने सोशल मीडिया के जरिए उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके योगदान को याद किया।
ऐसा रहा अंतरराष्ट्रीय करियर
शापूर जादरान ने 2009 में अफगानिस्तान के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया था। उन्होंने अपने करियर में 44 वनडे और 36 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले। वनडे में उन्होंने 43 विकेट लिए जबकि टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनके नाम 37 विकेट दर्ज हैं। उन्होंने अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला 2020 में खेला था। इसके बाद भी वह घरेलू क्रिकेट से जुड़े रहे और 2025 में आधिकारिक रूप से संन्यास का ऐलान किया। अफगानिस्तान क्रिकेट को वैश्विक मंच तक पहुंचाने वाले इस खिलाड़ी की विरासत आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनी रहेगी।