वृंदावन में प्रेमानंद जी महाराज ने कहा कलयुग में क

तुम केवल राधा राधा रटो और प्रभु के पास पहुंच जाओ - प्रेमानंद जी महाराज

वृंदावन। भक्ति और आस्था की नगरी वृंदावन में एक बार फिर “राधा राधा” के जयकारों से वातावरण गूंज उठा। प्रवचन के दौरान Premanand Ji Maharaj ने भक्तों को भक्ति का सबसे सरल मार्ग बताते हुए कहा — “तुम केवल राधा राधा रटो, प्रभु तक पहुंचने के रास्ते अपने आप खुल जाएंगे।” उनके शब्द सुनकर पंडाल में बैठे हजारों श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए। 

कलयुग में केवल नाम ही आधार

प्रेमानंद जी ने अपने प्रवचन में शास्त्रों का उल्लेख करते हुए कहा “कलयुग केवल नाम आधारा, सुमिर सुमिर उतरहिं पारा।” उन्होंने समझाया कि कलयुग में कठिन तप, यज्ञ और बड़ी साधनाओं की अपेक्षा नहीं है। इस युग में सिर्फ प्रभु के नाम का स्मरण ही सबसे बड़ा साधन है। “कठिन तपस्या से प्रभु प्रभावित नहीं होते, सच्चे मन से लिया गया नाम ही उन्हें प्रिय है,” उन्होंने कहा।

राधा नाम में है अद्भुत शक्ति

महाराज जी ने अपने जीवन अनुभव साझा करते हुए बताया कि जब भी उन्होंने ठाकुर जी की कृपा का अनुभव किया, उन्होंने लोगों को एक ही सलाह दी “राधा राधा जपते रहो।” उनके अनुसार ‘राधा’ नाम में ऐसी दिव्य शक्ति है जो मन को स्थिर करती है, चिंता को दूर करती है और जीवन के उलझे कार्यों को सरल बना देती है। उन्होंने कहा, “नाम जपने में कोई खर्च नहीं, कोई बंधन नहीं, बस श्रद्धा चाहिए।”

अनुभव और शास्त्र का संगम

प्रेमानंद जी ने स्पष्ट किया कि यह केवल व्यक्तिगत अनुभव नहीं, बल्कि शास्त्रों से सिद्ध सत्य है। आज के समय में जब मनुष्य तनाव, अस्थिरता और भागदौड़ से घिरा हुआ है, तब नाम स्मरण सबसे सरल और प्रभावी उपाय है। उन्होंने समझाया कि बार-बार ‘राधा राधा’ का जप करने से आत्मा की शुद्धि होती है और व्यक्ति धीरे-धीरे आध्यात्मिक उन्नति की ओर बढ़ता है।

सोशल मीडिया पर भी गूंजा संदेश

प्रवचन का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। कई श्रद्धालु इसे कलयुग का सबसे आसान आध्यात्मिक उपाय बता रहे हैं। भक्तों का कहना है कि ‘राधा’ नाम का स्मरण करने से मन में शांति आती है और जीवन में सकारात्मक बदलाव महसूस होता है।