181 दिन बाद केदारनाथ धाम के कपाट खुले। सेना के हेल

181 दिन बाद बाबा केदार के द्वार खुले… फूलों की बारिश, पहली पूजा पीएम के नाम

रुद्रप्रयाग: पहाड़ों में सुबह कुछ अलग थी… ठंडी हवा, घंटियों की आवाज और “हर हर महादेव” के जयकारों के बीच आखिरकार 181 दिन का इंतजार खत्म हुआ। Kedarnath Temple के कपाट बुधवार सुबह ठीक 8 बजे विधिवत खोल दिए गए। जैसे ही द्वार खुले, पूरा धाम श्रद्धा और भक्ति में डूब गया और ऊपर से सेना के हेलिकॉप्टर ने फूल बरसाकर इस पल को और खास बना दिया।

परंपरा के साथ खुला धाम

हर साल की तरह इस बार भी तय परंपराओं का पालन किया गया। सबसे पहले मंदिर का पूर्व द्वार खोला गया, फिर मुख्य पुजारी, रावल और हक-हकूकधारी अंदर पहुंचे। मंत्रोच्चार के बीच पूजा शुरू हुई और गर्भगृह में विशेष अनुष्ठान संपन्न हुए। कपाट खुलने के इस क्षण को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु सुबह से ही जमा थे, कई लोग तो रात से ही लाइन में लग गए थे,

पहली पूजा पीएम के नाम

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने परंपरा निभाते हुए पहली पूजा देश के प्रधानमंत्री के नाम से कराई। यह परंपरा पिछले कुछ वर्षों से जारी है, जिसमें देश की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की जाती है। धामी खुद भी इस मौके पर मौजूद रहे और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। 

फूलों की बारिश, सेना का खास अंदाज

कपाट खुलते ही आसमान से फूलों की बारिश… यह नजारा श्रद्धालुओं के लिए किसी उत्सव से कम नहीं था।भारतीय सेना के हेलिकॉप्टर ने मंदिर परिसर के ऊपर चक्कर लगाते हुए पुष्प वर्षा की। कुछ पल के लिए पूरा धाम रंग-बिरंगे फूलों से ढक गया लोग बस देखते रह गए,

चारधाम यात्रा ने पकड़ी रफ्तार

Char Dham Yatra के चौथे दिन केदारनाथ धाम खुलने के साथ ही यात्रा अब पूरी तरह से गति पकड़ चुकी है। पहले ही गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट खुल चुके हैं बद्रीनाथ धाम भी जल्द खुलने वाला है, प्रशासन ने इस बार रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालुओं के आने का अनुमान जताया है। 

व्यवस्थाएं और सुरक्षा

राज्य सरकार और प्रशासन ने इस बार खास इंतजाम किए हैं। मेडिकल सुविधाएं बढ़ाई गईं, ट्रैक पर सुरक्षा बल तैनात और मौसम को देखते हुए अलर्ट सिस्टम एक्टिव है। हालांकि पहाड़ों में मौसम कब बदल जाए, यह कहना मुश्किल है, इसलिए श्रद्धालुओं को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।