वेदांता पावर प्लांट हादसा: मृतकों के परिवार को 35 लाख और नौकरी का ऐलान
सक्ती। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में हुए भीषण औद्योगिक हादसे ने सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में बॉयलर विस्फोट के बाद अब तक 16 मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि 34 श्रमिक झुलस गए। इस घटना के बाद वेदांता ग्रुप ने मृतकों के परिवारों के लिए मुआवजे और रोजगार का ऐलान किया है।
धमाके से मची अफरा-तफरी
मंगलवार को हुए इस हादसे में विस्फोट इतना तेज था कि पूरे प्लांट परिसर में आग और धुएं का गुबार फैल गया। मौके पर मौजूद मजदूरों में भगदड़ मच गई और कई लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए। स्थानीय प्रशासन ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया।
मुआवजा और नौकरी की घोषणा
कंपनी प्रबंधन ने प्रभावित परिवारों के लिए राहत पैकेज घोषित किया है। इसके अनुसार, प्रत्येक मृतक के परिवार को 35 लाख रुपये दिए जाएंगे। वहीं, गंभीर घायलों को 15 लाख रुपये तक सहायता मिलेगी। इसके साथ ही मृतकों के एक आश्रित को स्थायी नौकरी दी जाएगी। इस घोषणा से पीड़ित परिवारों को कुछ हद तक राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
गंभीर घायलों का इलाज जारी
हादसे में गंभीर रूप से झुलसे मजदूरों का इलाज रायपुर में किया जा रहा है। कुछ घायलों को कालड़ा अस्पताल में भर्ती किया गया। कई मजदूर 85-90 प्रतिशत तक झुलसे। वेंटिलेटर पर इलाज करा रहे कुछ मजदूरों की हालत गंभीर बनी हुई है। हादसे में मृतकों और घायलों में झारखंड के गढ़वा और आसपास के क्षेत्रों के श्रमिक भी शामिल हैं।
सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल
इस बड़े हादसे के बाद औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। श्रमिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने उच्चस्तरीय जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और सुरक्षा नियमों के सख्ती से पालन की मांग की है।
प्रशासन की कार्रवाई
प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और फिलहाल राहत कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।