UP में बारिश और ओलावृष्टि से 40% गेहूं फसल बर्बाद, CM योगी ने दिए तत्काल राहत के निर्देश
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। किसानों के अनुसार, करीब 40 प्रतिशत गेहूं की फसल खराब हो चुकी है। कई इलाकों में कटाई के दौरान खेतों में खड़ी फसल भीग गई है। इससे उसके काले पड़ने और गुणवत्ता खराब होने का खतरा बढ़ गया है।
प्रदेश में इस समय बड़े पैमाने पर गेहूं की कटाई चल रही थी, लेकिन अचानक मौसम बदलने से काम ठप पड़ गया है। किसानों का कहना है कि अगर जल्द राहत नहीं मिली तो भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
सीएम योगी ने दिए सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्थिति को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को तत्काल फील्ड में पहुंचकर नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रभावित किसानों को समय पर मुआवजा दिया जाए और किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। राजस्व और कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे जमीनी स्तर पर सर्वे करें और बीमा कंपनियों के साथ समन्वय बनाकर किसानों को राहत राशि उपलब्ध कराएं।
घर क्षतिग्रस्त होने पर भी मिलेगी मदद
सरकार ने यह भी कहा है कि जिन किसानों के घर ओलावृष्टि या बारिश से क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत सहायता दी जाएगी। इसके अलावा पात्र किसानों को कृषक दुर्घटना बीमा योजना के अंतर्गत भी मुआवजा प्रदान किया जाएगा।
एक हफ्ते में जान-माल का नुकसान
पिछले एक सप्ताह में प्रदेश के अलग-अलग जिलों में आकाशीय बिजली और खराब मौसम के कारण 20 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 12 लोग घायल हुए हैं। इसके अलावा 33 पशुओं की भी मौत की सूचना है। मुख्यमंत्री ने इन सभी मामलों में 24 घंटे के भीतर मुआवजा देने के आदेश दिए हैं। प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि राहत कार्यों में तेजी लाई जाए और प्रभावितों तक जल्द से जल्द सहायता पहुंचे।
प्रशासन अलर्ट मोड में
प्रदेश सरकार ने सभी जिलों के अधिकारियों को अलर्ट मोड में रहने को कहा है। लगातार फील्ड से रिपोर्ट मंगाई जा रही है, ताकि नुकसान का सही आंकलन कर त्वरित कार्रवाई की जा सके। किसानों को उम्मीद है कि सरकार के निर्देशों के बाद राहत और मुआवजे की प्रक्रिया तेज होगी और उन्हें हुए नुकसान की भरपाई जल्द की जा सकेगी।