UP Board ने इंग्लिश मीडियम छात्रों के लिए बड़ा फैस

UP Board का बड़ा बदलाव, अब इंग्लिश मीडियम छात्रों को भी मिलेंगी बोर्ड की किताबें

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प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से शिक्षा जगत में बड़ा बदलाव सामने आया है। यूपी बोर्ड अब हिंदी माध्यम के साथ-साथ इंग्लिश मीडियम छात्रों के लिए भी पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराने की तैयारी कर रहा है। नए फैसले के बाद छात्रों को निजी प्रकाशकों से महंगी किताबें खरीदने की मजबूरी कम होगी। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने शैक्षिक सत्र 2027-28 से अंग्रेजी माध्यम की किताबें खुद प्रकाशित करने का निर्णय लिया है।

बोर्ड का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य छात्रों को कम कीमत पर बेहतर और समान अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराना है। अभी तक यूपी बोर्ड की ओर से मुख्य रूप से हिंदी माध्यम की किताबें प्रकाशित की जाती थीं। लेकिन अंग्रेजी माध्यम के बढ़ते छात्रों को देखते हुए अब बोर्ड ने पाठ्यपुस्तक व्यवस्था में बदलाव करने की तैयारी शुरू कर दी है।

इंग्लिश मीडियम छात्रों के लिए बदलेगी किताबों की व्यवस्था

यूपी बोर्ड ने नए सत्र के लिए हाईस्कूल और इंटरमीडिएट स्तर के कई विषयों की किताबों को शामिल किया है। कक्षा 9 और 10 के लिए अंग्रेजी, विज्ञान, गणित और सामाजिक विज्ञान जैसे विषयों की पुस्तकें तैयार की जाएंगी। वहीं कक्षा 11 और 12 के लिए अंग्रेजी, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान, गणित, इतिहास, भूगोल, नागरिक शास्त्र, समाजशास्त्र, अर्थशास्त्र, व्यवसाय अध्ययन, लेखाशास्त्र, मनोविज्ञान और गृहविज्ञान समेत कई विषयों की किताबें उपलब्ध होंगी। बोर्ड ने इन विषयों के लिए कुल 70 एनसीईआरटी पुस्तकों को अपनाया है। इससे छात्रों को अलग-अलग प्रकाशकों की किताबों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और उन्हें पाठ्यक्रम के अनुसार प्रमाणिक सामग्री मिल सकेगी।

कम कीमत में किताबें मिलने से छात्रों को राहत

इंग्लिश मीडियम छात्रों के लिए सबसे बड़ी समस्या किताबों की कीमत और उपलब्धता रही है। कई बार निजी प्रकाशकों की किताबें महंगे दामों पर खरीदनी पड़ती थीं। यूपी बोर्ड के नए फैसले से इस खर्च में कमी आने की उम्मीद है। बोर्ड की योजना है कि सरकारी, सहायता प्राप्त और स्ववित्तपोषित विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्रों को समान गुणवत्ता वाली किताबें उपलब्ध कराई जाएं। इससे ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को भी फायदा मिल सकता है।

पहले सिर्फ हिंदी किताबें प्रकाशित करता था बोर्ड

फिलहाल यूपी बोर्ड हिंदी, संस्कृत और उर्दू विषयों की 12 पाठ्यपुस्तकें प्रकाशित करता है। इन किताबों को प्रदेश के विभिन्न स्कूलों में सस्ती दरों पर उपलब्ध कराया जाता है। अब भाषा विषयों को छोड़कर अन्य विषयों की किताबें अंग्रेजी माध्यम में भी प्रकाशित की जाएंगी। यह बदलाव यूपी बोर्ड की किताब प्रकाशन व्यवस्था में एक बड़ा विस्तार माना जा रहा है।

डीलरशिप के लिए जारी होंगे नए नियम

यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने बताया कि नए शैक्षिक सत्र के लिए पुस्तक विक्रेताओं और संस्थानों को तय नियमों के आधार पर डीलरशिप दी जाएगी। इसके जरिए प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में किताबों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की तैयारी है। इस फैसले के बाद यूपी बोर्ड के लाखों छात्रों को नई व्यवस्था का लाभ मिलने की उम्मीद है। खासतौर पर उन छात्रों को राहत मिलेगी जो अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई कर रहे हैं और अब तक किताबों के लिए निजी बाजार पर निर्भर थे।