Twisha Case: मौत केस में CBI की बड़ी कार्रवाई तेज, पूर्व जज सास से पूछताछ के बाद डिजिटल सबूतों की जांच
भोपाल। शहर में त्विषा शर्मा मौत मामला अब केंद्रीय जांच ब्यूरो की सीधी निगरानी में पहुंच गया है। जांच के पहले ही दिन टीम ने ससुराल और मायके दोनों पक्षों से अहम पूछताछ की और कई अहम सबूत जुटाए। मामले में सबसे बड़ा फोकस घटनास्थल, डिजिटल रिकॉर्ड और रिश्तों के बीच बढ़ते तनाव पर है। अधिकारियों ने पुराने साक्ष्यों को फिर से खंगालने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस केस में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद जांच की दिशा पूरी तरह बदल गई है और अब हर कड़ी को नए सिरे से जोड़ा जा रहा है।
घटनास्थल पर CBI की गहन पड़ताल शुरू
CBI की टीम ने सबसे पहले कटारा हिल्स स्थित उस घर का निरीक्षण किया जहां घटना हुई थी। अधिकारियों ने कमरे की स्थिति, आसपास के माहौल और संभावित साक्ष्यों की बारीकी से जांच की। इसके बाद टीम ने रिटायर्ड जज सास गिरिबाला सिंह से करीब आधे घंटे पूछताछ की। पूछताछ में वैवाहिक रिश्तों, घरेलू माहौल और घटना से पहले की स्थिति पर सवाल केंद्रित रहे। जांच एजेंसी यह समझने की कोशिश कर रही है कि शादी के बाद रिश्तों में तनाव कब और कैसे बढ़ा।
परिवार के आरोप और डिजिटल सबूतों की बड़ी भूमिका
लालघाटी स्थित थ्रीईएमई सेंटर में त्विषा के मायके पक्ष से टीम ने लंबी पूछताछ की। परिजनों ने दावा किया कि शादी के बाद से वह मानसिक रूप से परेशान थी। परिवार ने मोबाइल चैट, कॉल रिकॉर्ड और आखिरी बातचीत से जुड़े डिजिटल सबूत जांच टीम को सौंप दिए। अब CBI इन डिजिटल रिकॉर्ड्स को केस की सबसे अहम कड़ी मानकर हर एंगल से जांच कर रही है।
पुलिस से CBI तक केस ट्रांसफर और कानूनी मोड़
CBI ने भोपाल पुलिस कमिश्नर से भी केस से जुड़ी पूरी जानकारी ली। इसके साथ ही SIT द्वारा जुटाई गई केस डायरी और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य एजेंसी को सौंप दिए गए। सीबीआई अब इन सभी साक्ष्यों के आधार पर नई एफआईआर और आगे की कार्रवाई कर रही है। अदालत में पति समर्थ सिंह की रिमांड पर फैसला आने की संभावना भी तेज हो गई है।
सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी और जांच का नया मोड़
Supreme Court of India ने मामले में न्यायिक हस्तक्षेप पर चिंता जताते हुए तुरंत निष्पक्ष जांच के आदेश दिए थे। इसके बाद केस को सीधे CBI को ट्रांसफर किया गया, जिससे जांच की दिशा पूरी तरह बदल गई। अब एजेंसी पुराने पोस्टमार्टम से लेकर नए मेडिकल निष्कर्षों तक हर पहलू को फिर से देख रही है।
डिजिटल चैट, कॉल्स और छिपने की कहानी से बढ़ा शक
जांच में सामने आए व्हाट्सऐप चैट्स और कॉल रिकॉर्ड्स ने केस को और जटिल बना दिया है। कुछ बातचीत में गर्भावस्था और रिश्तों को लेकर गंभीर सवाल सामने आए हैं। घटना के बाद आरोपी पति लगभग 10 दिन तक फरार रहा और उस पर इनाम भी घोषित किया गया था। अब जांच एजेंसियां यह भी देख रही हैं कि क्या सबूतों से किसी तरह की छेड़छाड़ की गई थी या नहीं।