सपा में टूट की खबर से नाराज सांसदों ने लखीमपुर खीर

सपा में टूट की खबर पर सांसदों का विरोध, लखीमपुर में दी शिकायत

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समाजवादी पार्टी में टूट की खबर को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। लखीमपुर खीरी के सपा सांसदों ने इस खबर को भ्रामक बताते हुए पुलिस से शिकायत की है। धौरहरा सांसद आनंद भदौरिया और सांसद उत्कर्ष वर्मा शुक्रवार को सदर कोतवाली पहुंचे और एक समाचार पोर्टल व उसके रिपोर्टर के खिलाफ तहरीर दी। सांसदों का आरोप है कि सोशल मीडिया के जरिए गलत जानकारी फैलाकर पार्टी और नेताओं की छवि खराब करने की कोशिश की गई।

मामले में अब सपा ने कानूनी रास्ता अपनाने का फैसला किया है। सांसदों ने संबंधित धाराओं में कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस से जांच की अपील की है।

सांसदों ने लगाया झूठी खबर फैलाने का आरोप

आनंद भदौरिया ने आरोप लगाया कि फेसबुक पर वीडियो और पोस्ट के माध्यम से ऐसी खबर प्रसारित की गई जिसमें सपा के 26 सांसदों समेत उनके नाम को जोड़ा गया। उनके मुताबिक इस तरह की जानकारी पूरी तरह गलत है और इससे पार्टी की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि खबर के कारण लोगों के बीच भ्रम की स्थिति बनी और राजनीतिक नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई। सांसदों ने इसे जानबूझकर किया गया कृत्य बताते हुए व्यक्तिगत मानहानि का भी आरोप लगाया।

पुलिस से दर्ज कराई कार्रवाई की मांग

सपा सांसदों ने शिकायत में भारतीय न्याय संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के प्रावधानों का उल्लेख किया है। उनका कहना है कि गलत सूचना फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। इस दौरान सपा जिलाध्यक्ष रामपाल सिंह यादव समेत पार्टी के कई पदाधिकारी मौजूद रहे। पार्टी नेताओं ने पूरे मामले को गंभीर बताते हुए कार्रवाई की मांग की।

2027 चुनाव को लेकर दिया राजनीतिक संदेश

शिकायत दर्ज कराने के बाद सांसदों ने राजनीतिक संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी और पीडीए गठबंधन मजबूत है और 2027 में पीडीए की सरकार बनाने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रही है। सपा नेताओं का कहना है कि ऐसी खबरें पार्टी की एकजुटता पर सवाल खड़े करने की कोशिश हैं, जबकि संगठन अपने स्तर पर सक्रिय है।

अब जांच पर टिकी नजर

फिलहाल पुलिस को दी गई शिकायत के बाद आगे की कार्रवाई जांच पर निर्भर करेगी। यह भी देखा जाएगा कि सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री को लेकर पुलिस क्या कदम उठाती है और आरोपों की पुष्टि किस तरह होती है।