सिंगरौली में पूजा के नाम पर दिल दहला देने वाला कांड, महिला-पुरुष की गला काटकर हत्या
सिंगरौली जिले से गुरुवार सुबह एक ऐसी वारदात सामने आई, जिसने पूरे इलाके को सन्न कर दिया। पूजा-पाठ के बहाने बुलाकर एक युवक ने महिला और बुजुर्ग पुरुष की बेरहमी से हत्या कर दी। धारदार हथियार से दोनों के सिर धड़ से अलग कर दिए गए। इस दौरान बीच-बचाव करने आए दो अन्य लोग भी गंभीर रूप से घायल हो गए.घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी युवक को हिरासत में लेकर जांच शुरू की गई है।
पूजा के लिए बुलाया, फिर दे दी बलि
पुलिस के अनुसार वारदात सिंगरौली जिले के अतरवा गांव में सुबह करीब 4 से 5 बजे के बीच हुई। आरोपी छत्रपति सिंह (21) ने अपने पड़ोस में रहने वाली फूल कुमारी सिंह (50) और केमला सिंह (65) को पूजा-पाठ के लिए बुलाया था। पूजा शुरू होते ही अचानक उसने धारदार हथियार से दोनों पर हमला कर दिया। कुछ ही पलों में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।
शोर सुनकर आए तो उन पर भी हमला
हत्या के दौरान चीख-पुकार सुनकर सुमित्रा सिंह और रामभजन सिंह बीच-बचाव करने पहुंचे, लेकिन आरोपी ने उन पर भी हमला कर दिया। दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया। फिलहाल उनका इलाज जारी है।
अंधविश्वास और जादू-टोने का शक
घटनास्थल से पूजा-पाठ की सामग्री, नारियल, अगरबत्ती और अन्य सामान बरामद हुआ है। इससे पुलिस को अंधविश्वास और जादू-टोने के एंगल पर शक है. प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी की पत्नी का कुछ समय पहले मिसकैरेज हो गया था। इसके बाद से वह मानसिक तनाव में था और उसे भ्रम हो गया कि देवी नाराज हैं। इसी सोच के चलते उसने पूजा का आयोजन किया और बाद में यह खौफनाक वारदात कर डाली। सिंगरौली एसपी मनीष खत्री ने बताया कि आरोपी को हिरासत में ले लिया गया है। शुरुआती जांच में अंधविश्वास से जुड़ा पहलू सामने आया है, लेकिन पुलिस सभी पहलुओं की बारीकी से जांच कर रही है। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं।
पड़ोसी थे मृतक
जानकारी के मुताबिक आरोपी और मृतक एक-दूसरे के पड़ोसी थे। छत्रपति ने दो दिन पहले घर के बाहर मिट्टी का चबूतरा बनाया था और कहा था कि गुरुवार सुबह पूजा होगी। चार-पांच लोग पूजा में शामिल हुए, लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि यह पूजा मौत का तांडव बन जाएगी.घटना की खबर मिलते ही गांव में भारी भीड़ जमा हो गई। हर कोई सन्न था कि अंधविश्वास किस हद तक इंसान को हैवान बना सकता है।