दलहन-तिलहन में आत्मनिर्भरता पर जोर, रायसेन कृषि महोत्सव में तैयार होगा नया रोडमैप
भोपाल: मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कृषि क्षेत्र से जुड़े कार्यक्रम में शामिल वरिष्ठ नेता शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि देश में कृषि का विविधीकरण समय की आवश्यकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत गेहूं और धान उत्पादन में मजबूत स्थिति में है, लेकिन दलहन और तिलहन में आत्मनिर्भर बनना अब प्राथमिक लक्ष्य होना चाहिए।
कृषि विविधीकरण और क्षेत्रीय योजना पर जोर
भोपाल में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों में जलवायु और मिट्टी की स्थिति अलग है, इसलिए कृषि नीति भी क्षेत्रीय जरूरतों के अनुसार तय की जानी चाहिए। इसी उद्देश्य से देश के पाँच क्षेत्रों में रीजनल कॉन्फ्रेंस शुरू की गई हैं, ताकि वैज्ञानिक आधार पर कृषि का रोडमैप तैयार किया जा सके।
कृषि महोत्सव में आधुनिक तकनीक का प्रदर्शन
रायसेन में 11 से 13 अप्रैल तक आयोजित होने वाला उन्नत कृषि महोत्सव किसानों के लिए केवल एक पारंपरिक मेला नहीं होगा, बल्कि आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रशिक्षण केंद्र भी होगा। इस कार्यक्रम में कृषि यंत्रीकरण से जुड़ी मशीनों जैसे रीपर, पावर वीडर, स्प्रेयर, सीडर, रोटावेटर और कृषि ड्रोन का लाइव प्रदर्शन किया जाएगा। साथ ही माइक्रो इरिगेशन, प्रिसिजन फार्मिंग, फर्टिगेशन और ऑटोमेशन जैसी तकनीकों को भी किसानों के सामने व्यवहारिक रूप से प्रस्तुत किया जाएगा।
तीन दिवसीय महोत्सव में 20 विषयों पर चर्चा
इस कृषि महोत्सव में तीन दिनों तक लगभग 20 विषयों पर विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। इनमें आधुनिक खेती, सिंचाई प्रबंधन, फसल विविधीकरण और तकनीकी नवाचार प्रमुख रहेंगे।
केंद्रीय और राज्य नेतृत्व की मौजूदगी
कार्यक्रम का उद्घाटन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा किया जाएगा, जबकि समापन केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी करेंगे। यह आयोजन किसानों और नीति निर्माताओं के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का माध्यम बनेगा।
मध्य प्रदेश के लिए विशेष कृषि रोडमैप
मध्य प्रदेश के सीहोर, विदिशा, रायसेन और देवास जिलों के लिए एक विशेष कृषि रोडमैप तैयार किया गया है, जिसे 12 अप्रैल को किसानों के सामने प्रस्तुत किया जाएगा। इसमें स्थानीय मिट्टी, जलवायु और तापमान के अनुसार उपयुक्त फसलों, उनकी किस्मों और बागवानी (हॉर्टिकल्चर) के विकल्प शामिल किए गए हैं।