भोपाल एयरपोर्ट पर प्लेन हाइजेक की खबर पर एक्टिव हुए जवान, सच्चाई जान यात्रियों ने ली राहत की सांस
भोपाल। राजा भोज एयरपोर्ट के ट्रैफिक कंटोल कक्ष को विमान अपहरण की सूचना मिली। अचानक सूचना पाते ही अधिकारी और सुरक्षा कर्मी सतर्क हो गए। मौके पर एयरपोर्ट प्रबंधन निदेशक समेत अधिकारी और सीआईएसएफ के जवान पहुंचे और सभी ने मोर्चा संभाला। इस दौरान यात्रियों में भी अफरा-तफरी मच गई, हालांकि कुछ देर में एयरपोर्ट प्रबंधन ने घोषणा की कि यह वार्षिक एंटी-हाइजैक मॉक ड्रिल अभ्यास था। इसका उद्देश्य विमान अपहरण जैसी आकस्मिक परिस्थितियों में त्वरित, प्रभावी एवं समन्वित प्रतिक्रिया करना था। इसलिए यात्री ना घबराए।
एयरपोर्ट पर की गई मॉक ड्रिल प्रेक्टिस
मॉक ड्रिल के दौरान एयरपोर्ट पर विमान अपहरण की एक काल्पनिक स्थिति निर्मित की गई। जैसे ही एटीसी को हाईजैक की सूचना प्राप्त हुई, तत्काल एरोड्रम कमेटी के सभी सदस्यों को सूचित किया गया। इसके बाद सभी सदस्य तकनीकी ब्लॉक के द्वितीय तल पर स्थित एरोड्रम कमेटी कंट्रोल रूम में एकत्रित हुए। यह कमेटी अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह विभाग की अध्यक्षता में कार्य करती है, जो केंद्रीय समिति के साथ समन्वय स्थापित कर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करती है।
गृह विभाग की सचिव की देखरेख में हुआ अभ्यास
मॉक ड्रिल का अभ्यास आईपीएस कृष्णावेणी देशावतु, सचिव, गृह विभाग, मध्यप्रदेश शासन की उपस्थिति में हुआ। इस दौरान विभिन्न सुरक्षा एवं आपातकालीन एजेंसियों के बीच समन्वय, संचार और कार्रवाई की प्रभावशीलता का यथार्थ परीक्षण किया गया। इस मौके पर रामजी अवस्थी, विमानपत्तन निदेशक, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण, अतुल भनौत्रा, कमांडेंट, केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के साथ-साथ राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड, राज्य एवं जिला प्रशासन, जिला पुलिस, नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो, भारतीय सेना तथा इंटेलिजेंस ब्यूरो के अधिकारियों ने सक्रिय भागीदारी की।
क्या बोले अधिकारी
भोपाल राजाभोज एयरपोर्ट के निदेशक रामजी अवस्थी का कहना है कि इसका उद्देश्य सुरक्षा एजेंसियों की तैयारी को देखना था। उन्होंने कहा कि राजाभोज एयरपोर्ट पर विमान अपहरण अभ्यास के दौरान सभी सुरक्षा एजेंसियों ने उत्कृष्ट समन्वय, तत्परता एवं पेशेवर दक्षता का प्रदर्शन किया। इस मॉक ड्रिल के माध्यम से यह देखा गया कि भोपाल विमानतल किसी भी आपात स्थिति में सभी संबंधित एजेंसियां कितनी तैयार रहती है?