राम मंदिर दान विवाद में राजगढ़ के पूर्व सरपंच मोहन

'राजा साहब, रसीद लाइए... 1.11 लाख का चंदा मैं लौटा दूंगा', पूर्व सरपंच का दिग्विजय सिंह को जवाब

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रायगढ़। राम मंदिर निर्माण के लिए दिए गए दान को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के बयान के बाद मध्य प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। राजगढ़ जिले के करेड़ी गांव के पूर्व सरपंच मोहन वर्मा ने सोशल मीडिया पर 1.11 लाख रुपये का चेक साझा करते हुए कहा कि अगर दिग्विजय सिंह अपना दान वापस चाहते हैं तो वे रसीद उपलब्ध कराएं, राशि वह स्वयं लौटा देंगे।

यह प्रतिक्रिया उस बयान के बाद सामने आई जिसमें दिग्विजय सिंह ने मंदिर निर्माण के लिए दिए गए 1.11 लाख रुपये के दान के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए राशि वापस लेने के लिए कानूनी दावा करने की बात कही थी।

पूर्व सरपंच ने चेक के साथ दिया संदेश

मोहन वर्मा ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि दिग्विजय सिंह ने भगवान श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए 1.11 लाख रुपये का दान दिया था और अब उसी राशि की वापसी की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोर्ट जाने की जरूरत नहीं है। यदि दान की रसीद उपलब्ध करा दी जाए तो वह चेक के जरिए पूरी राशि लौटाने को तैयार हैं। उनके मुताबिक, इस बयान से उन्हें व्यक्तिगत तौर पर दुख पहुंचा और इसी कारण उन्होंने यह कदम उठाया।

रामभक्ति का हवाला देकर रखी अपनी बात

पूर्व सरपंच ने कहा कि उनका किसी राजनीतिक दल से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने खुद को रामभक्त बताते हुए कहा कि दिग्विजय सिंह के चंदा वापसी वाले बयान से वे आहत हुए। उनका कहना है कि यदि पूर्व मुख्यमंत्री वास्तव में राशि वापस चाहते हैं तो औपचारिक प्रक्रिया पूरी कर वह भुगतान करने के लिए तैयार हैं।

दिग्विजय सिंह ने क्यों उठाई थी चंदा वापसी की मांग

3 जुलाई को दिग्विजय सिंह ने कहा था कि उन्होंने राम मंदिर निर्माण के लिए 1.11 लाख रुपये का दान श्रद्धा के आधार पर दिया था। लेकिन बाद में चंदे के कथित दुरुपयोग और रकम में गड़बड़ी की शिकायतें मिलने पर उन्होंने राशि वापस लेने के लिए कानूनी दावा करने की बात कही। उन्होंने कहा था कि यदि राशि वापस मिलती है तो उसे अपने ट्रस्ट के माध्यम से फिर धार्मिक कार्यों में लगाया जाएगा।