रायपुर में 8 साल के इंतजार के बाद कचना रेलवे ओवरब्

Raipur News: 8 साल बाद खुला कचना ओवरब्रिज, अब हर 15 मिनट में फाटक पर नहीं फंसेंगे लोग

Raipur Overbridge grand Opening

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के लोगों के लिए शुक्रवार का दिन बड़ी राहत लेकर आया। 8 साल के लंबे इंतजार के बाद कचना रेलवे ओवरब्रिज आखिरकार शुरू हो गया, जिससे रोजाना लगने वाले भारी जाम से लोगों को छुटकारा मिलेगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ओवरब्रिज का लोकार्पण किया। अब खम्हारडीह और कचना इलाके के लोगों को रेलवे फाटक बंद होने पर घंटों रुकना नहीं पड़ेगा। यह ओवरब्रिज सिर्फ एक सड़क परियोजना नहीं माना जा रहा, बल्कि तेजी से बढ़ते रायपुर के ट्रैफिक दबाव को कम करने वाला अहम इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट बन गया है।

हर 15 मिनट में बंद होता था रेलवे फाटक

खम्हारडीह-कचना रेलवे फाटक शहर के सबसे व्यस्त रेलवे क्रॉसिंग में गिना जाता है। रेलवे के मुताबिक इस रूट से रोज करीब 120 यात्री और मालगाड़ियां गुजरती हैं। इसी वजह से औसतन हर 15 मिनट में फाटक बंद हो जाता था। सुबह ऑफिस टाइम और शाम के पीक आवर्स में यहां लंबी वाहन कतारें लग जाती थीं। गर्मी, बारिश और ट्रैफिक के बीच लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ती थी।

3 लाख लोगों को मिलेगा सीधा फायदा

ओवरब्रिज शुरू होने के बाद खम्हारडीह, कचना, शंकर नगर, हाउसिंग बोर्ड और आसपास के इलाकों के करीब 3 लाख लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले छोटी दूरी तय करने में भी काफी समय लग जाता था। कई बार एंबुलेंस और स्कूल बसें भी फाटक में फंस जाती थीं। अब बिना रुके सीधा आवागमन होने से ट्रैफिक दबाव कम होगा और यात्रा का समय भी घटेगा।

48 करोड़ की लागत से तैयार हुआ प्रोजेक्ट

कचना रेलवे ओवरब्रिज को करीब 48.78 करोड़ रुपए की लागत से तैयार किया गया है। यह पुल 871 मीटर लंबा और 12 मीटर चौड़ा है। टू-लेन इस ओवरब्रिज की शुरुआत खम्हारडीह स्थित सीएससीबी कार्यालय के पास से होती है और यह हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी तक जाता है। इसके साथ ही शंकर नगर-खम्हारडीह-कचना रोड चौड़ीकरण पर भी करीब 22.78 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं।

उद्घाटन से पहले रातभर चला काम

लोकार्पण कार्यक्रम से पहले देर रात तक ब्रिज पर अंतिम तैयारियां चलती रहीं। स्ट्रीट लाइट लगाने और डामरीकरण समेत बाकी तकनीकी कामों को पूरा किया गया ताकि उद्घाटन के साथ ही ब्रिज आम लोगों के लिए खोला जा सके। कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को देखते हुए कई रास्तों पर डायवर्जन भी लागू किया गया था।

तेजी से बढ़ते रायपुर के लिए अहम परियोजना

रायपुर में बढ़ती आबादी और वाहनों के दबाव के बीच कचना ओवरब्रिज को शहर की अहम ट्रैफिक परियोजनाओं में माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले वर्षों में इस इलाके में ट्रैफिक और बढ़ेगा, ऐसे में यह ओवरब्रिज शहर के ट्रांसपोर्ट नेटवर्क को मजबूत करने में बड़ी भूमिका निभाएगा। स्थानीय लोगों के लिए फिलहाल सबसे बड़ी राहत यही है कि अब उन्हें हर कुछ मिनट में बंद होने वाले रेलवे फाटक के सामने लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।