NEET-UG पुनर्परीक्षा से पहले रेलवे ने भोपाल समेत प

NEET से पहले रेलवे का बड़ा इंतजाम, स्टेशनों पर हेल्प बूथ और परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा घेरा

NEET Exam Preparation In Railway Station

NEET-UG पुनर्परीक्षा से पहले अभ्यर्थियों की सुविधा और परीक्षा की पारदर्शिता दोनों पर इस बार खास फोकस किया गया है। एक तरफ रेलवे ने बाहर से आने वाले छात्रों के लिए विशेष हेल्प बूथ शुरू किए हैं, वहीं दूसरी तरफ परीक्षा केंद्रों को हाई सिक्योरिटी जोन में बदल दिया गया है। रविवार को होने वाली परीक्षा के लिए मध्य प्रदेश के 30 जिलों में 283 केंद्र तैयार किए गए हैं।

 परीक्षा से पहले मॉक ड्रिल के जरिए सुरक्षा व्यवस्था और संचालन की अंतिम जांच भी पूरी कर ली गई। पेपर लीक विवाद के बाद हो रही इस पुनर्परीक्षा को लेकर प्रशासन कोई जोखिम नहीं लेना चाहता। यही वजह है कि रेलवे, पुलिस, सुरक्षा एजेंसियां और परीक्षा प्रशासन एक साथ समन्वय बनाकर काम कर रहे हैं।

स्टेशनों पर छात्रों को मिलेगा मार्गदर्शन

पश्चिम मध्य रेलवे ने भोपाल सहित पांच प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर विशेष हेल्प बूथ स्थापित किए हैं। इन बूथों पर तैनात कर्मचारी अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने के रास्ते, स्थानीय परिवहन और अन्य जरूरी जानकारियां उपलब्ध कराएंगे। यह व्यवस्था 20 जून की शाम से 22 जून की सुबह तक जारी रहेगी ताकि बाहर से आने वाले छात्रों को किसी तरह की परेशानी न हो।

283 परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा का कड़ा पहरा

प्रदेशभर के परीक्षा केंद्रों पर कमांडो, होमगार्ड, पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती की गई है। अभ्यर्थियों की एंट्री से लेकर परीक्षा समाप्त होने तक हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी। परीक्षा केंद्रों के भीतर और बाहर अतिरिक्त सुरक्षा बल लगाए गए हैं ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था को तुरंत रोका जा सके।

तकनीक के जरिए होगी हर गतिविधि की निगरानी

इस बार परीक्षा प्रक्रिया को सुरक्षित बनाने के लिए सीसीटीवी कैमरे, एआई आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम, फेस रिकग्निशन, बायोमेट्रिक सत्यापन और लाइव फोटो कैप्चर जैसी व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। इंटरनेट और मोबाइल सिग्नल को नियंत्रित करने के लिए कई केंद्रों पर जैमर भी लगाए गए हैं। प्रश्नपत्रों की सुरक्षा से लेकर ओएमआर शीट के परिवहन तक हर चरण को निगरानी दायरे में रखा गया है।

समय को लेकर नहीं मिलेगी कोई रियायत

परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश सुबह 11 बजे से शुरू होगा, जबकि दोपहर 1:30 बजे मुख्य गेट बंद कर दिए जाएंगे। इसके बाद किसी भी अभ्यर्थी को प्रवेश नहीं मिलेगा। दोपहर 2 बजे परीक्षा शुरू होगी और शाम 5:15 बजे तक चलेगी। अधिकारियों ने साफ किया है कि समय सीमा का पालन अनिवार्य होगा और नियमों में किसी प्रकार की ढील नहीं दी जाएगी।

ड्रेस कोड और प्रतिबंधित वस्तुओं पर सख्ती

अभ्यर्थियों को हल्के रंग के साधारण कपड़े पहनकर आने की सलाह दी गई है। बड़े बटन, अतिरिक्त जेबों वाले कपड़े, आभूषण, बेल्ट, घड़ी और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। मोटे सोल वाले जूतों की जगह केवल चप्पल या कम हील वाले सैंडल की अनुमति होगी। सुरक्षा जांच के दौरान नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर प्रवेश रोका जा सकता है।

पहली बार बदला परीक्षा संचालन का तरीका

इस बार अभ्यर्थियों को प्रश्नपत्र हल करने के लिए 195 मिनट का समय मिलेगा और परीक्षा खत्म होने से पहले बाहर निकलने की अनुमति नहीं होगी। रफ कार्य के लिए पन्नों की संख्या भी बढ़ाई गई है, जिससे छात्रों को अतिरिक्त सुविधा मिल सके। परीक्षा के बाद टेस्ट बुकलेट अपने साथ ले जाने की भी अनुमति रहेगी।

छात्रों के लिए जरूरी सलाह

प्रशासन ने अभ्यर्थियों को समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचने, प्रवेश पत्र और आधार कार्ड की अतिरिक्त प्रतियां साथ रखने तथा केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की सलाह दी है। किसी भी समस्या की स्थिति में हेल्पलाइन और साइबर सहायता नंबर भी जारी किए गए हैं, ताकि परीक्षा के दौरान किसी तरह की असुविधा न हो।