450 राजस्व अधिकारियों की पदोन्नति प्रक्रिया पूरी, प्रभारी अफसरों को मिलेगा नियमित पद का दर्जा
भोपाल। राज्य सरकार ने राजस्व विभाग के लगभग 450 श्रेणी एक और दो के अधिकारियों की सूची मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग को भेजी है। इसे लेकर सोमवार की देर रात आयोग के दफ्तर में विभागीय कार्य समिति डीपीसी की बैठक हुई। ये बैठक दोपहर दो बजे से शुरू होकर रात करीबन 10 बजे तक चली। बैठक में प्रमुख सचिव सामान्य प्रशासन एम शेलवेंद्रन और राजस्व से इंजीनियर शैलेंद्र कुमार समेत आयोग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
आयोग के अधिकारी डॉ रविंद्र पंचभाई ने बताया कि डीपीसी के लिए आए इन पदों में राजस्व विभाग के प्रभारी तहसीलदार, सहायक लेखाधिकारी, डिप्टी कलेक्टर आदि शामिल है। इस पद्दोन्नति प्रक्रिया में 450 अधिकारियों को लाभ मिलेगा। इसमें प्रभारी डिप्टी कलेक्टर और तहसीलदार है। पद्दोन्नत होने के बाद इन अधिकारियों के सामने से प्रभारी शब्द हट जाएगा। इसके अलावा राजस्व विभाग के कुछ लेखा अधिकारी भी है, जिनकी डीपीसी के बाद इनको भी पद्दोन्नति मिलेगी।
इतने अधिकारियों को मिलेगी पद्दोन्नति
आयोग के अधिकारियों के अनुसार इस डीपीसी में 230 प्रभारी डिप्टी कलेक्टर अब डिप्टी कलेक्टर बन जाएंगे। दरअसल ये 2008 बैच के नायब तहसीलदार है, जोकि 2014 में तहसीलदार बन गए। इनको छह साल में पद्दोन्नति देकर डिप्टी कलेक्टर बनना था, लेकिन शासन ने इन्हें उच्च पद का प्रभार देकर प्रभारी डिप्टी कलेक्टर बना दिया। अब ये अधिकारी आज की डीपीसी में पद्दोन्नत होकर डिप्टी कलेक्टर कहलाएंगे। इसी तरह 200 उच्च पद का प्रभार पाकर प्रभारी तहसीलदार है, जोकि इस डीपीसी के बाद पद्दोन्नति पाकर तहसीलदार कहलाएंगे।